Bihar Liquor Ban: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बाद कई इलाकों की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर बदलती नजर आ रही है. इसका एक प्रमुख उदाहरण गोपालगंज जिले के हथुआ अनुमंडल अंतर्गत मीरगंज शहर का स्टेशन रोड है. कभी शराब की दुकानों और पियक्कड़ों के जमावड़े के लिए बदनाम रहने वाला यह इलाका आज फल, मिठाई और चाय-नाश्ते की दुकानों से गुलजार है. स्थानीय लोग इसे शराबबंदी के बाद आए सबसे बड़े सकारात्मक बदलावों में से एक मानते हैं.
शराबबंदी से पहले बदनामी की पहचान था स्टेशन रोड
एक समय मीरगंज का स्टेशन रोड शहर के सबसे संवेदनशील और बदनाम इलाकों में गिना जाता था. शाम ढलते ही यहां देसी और विदेशी शराब की दुकानों पर भीड़ लग जाती थी. शराब के साथ चिखना और मसालेदार मांसाहारी व्यंजन बेचने वाले ठेले पूरी सड़क पर फैले रहते थे.
इस माहौल के कारण असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता था. आए दिन गाली-गलौज, मारपीट और विवाद की घटनाएं सामने आती थीं. हालात ऐसे थे कि महिलाएं और संभ्रांत परिवार इस रास्ते से गुजरने से भी बचते थे. स्थानीय व्यापार भी प्रभावित था और नए कारोबारी यहां निवेश करने से हिचकते थे.
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फैसले के बाद बदली तस्वीर
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू किए जाने के बाद स्टेशन रोड की सभी शराब दुकानें बंद हो गईं. शुरुआत में शराब और चिखना के कारोबार से जुड़े लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट जरूर आया, लेकिन समय के साथ उन्होंने अपने व्यवसाय की दिशा बदल ली.
कई दुकानदारों ने फल की दुकानें खोल लीं, जबकि कुछ ने चाय, नाश्ता और मिठाई का कारोबार शुरू कर दिया. कानून का पालन करते हुए इन कारोबारियों ने नई शुरुआत की और धीरे-धीरे स्टेशन रोड की पहचान ही बदल गई.
अब फल और मिठाई का बन चुका है नया बाजार
आज मीरगंज स्टेशन रोड पूरी तरह नई पहचान बना चुका है. सुबह से देर रात तक यहां ताजे फलों की दुकानें, मिठाई की दुकानें और नाश्ते के प्रतिष्ठान ग्राहकों से भरे रहते हैं.
जो सड़क कभी शराब और अभद्रता के लिए जानी जाती थी, वहां अब परिवार के साथ लोग खरीदारी करने आते हैं. इससे न केवल क्षेत्र का माहौल सुरक्षित और शांत हुआ है, बल्कि स्थानीय व्यापारियों की आय और सामाजिक सम्मान में भी बढ़ोतरी हुई है.
व्यापारियों को मिला सम्मानजनक रोजगार
शराबबंदी के बाद व्यवसाय बदलने वाले दुकानदार अब सम्मानजनक तरीके से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं. फल, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री से उनकी आय भी स्थिर हुई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन रोड अब शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल होता जा रहा है.
नगर परिषद उपसभापति ने क्या कहा?
मीरगंज नगर परिषद के उपसभापति धनंजय यादव ने बताया कि शराबबंदी कानून लागू होने के बाद स्टेशन रोड की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है.
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