भादो मास की गणेश चतुर्थी पर सोमवार को जिले में आस्था और भक्ति का रंग देखने को मिला. सुबह से ही मंदिरों के साथ घरों में भी भगवान श्रीगणेश और मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा-अर्चना की गयी. महिलाओं ने निर्जला उपवास रखकर बच्चों एवं परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगल की कामना की.
गणेश चतुर्थी को भगवान श्रीगणेश की आराधना का विशेष पर्व माना जाता है. इस अवसर पर महिलाओं ने पूरे दिन अन्न-जल ग्रहण नहीं किया. पूजा के दौरान भगवान गणेश को दूर्वा, फूल, लड्डू और मोदक अर्पित किये गये. वहीं मां लक्ष्मी की पूजा कर परिवार में धन-धान्य और समृद्धि की कामना की गयी.
घरों में हुई भगवान गणेश की कथा
मंदिरों और घरों में शाम के समय पुरोहितों द्वारा भगवान गणेश की कथा का विधिवत वाचन किया गया. महिलाओं ने भक्तिभाव से कथा सुनी और आरती में शामिल हुईं. इस दौरान गणपति बप्पा के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा.
चंद्रमा को अर्घ्य देकर खोला निर्जला व्रत
रात्रि 8:05 बजे चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रती महिलाओं ने चंद्रमा को अर्घ्य दिया. इसके बाद निर्जला उपवास का पारण किया और फलाहार ग्रहण किया.
महिलाओं ने बच्चों और परिवार के स्वस्थ, सुखी एवं समृद्ध जीवन की कामना की. देर शाम तक मंदिरों और घरों में भक्ति एवं उल्लास का माहौल बना रहा.
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