दुबई से लौटते ही रची खौफनाक साजिश, गोपालगंज में महिला की गला घोंटकर हत्या, झाड़ियों में मिला शव

Gopalganj News: गोपालगंज के श्रीपुर में एक महिला की गला घोंटकर हत्या करने के बाद उसके शव को चुपचाप जलने की साजिश चल रही थी. लेकिन एक फोन कॉल सारी साजिश सबके सामने ले आया. आखिर क्या था पूरा मामला? जानिये कैसे बचा सबूत और किसे किया गया गिरफ्तार.

Gopalganj News: गोपालगंज जिले के श्रीपुर थाना क्षेत्र के अहिरौली गांव में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. घरेलू विवाद में ससुरालवालों ने 27 वर्षीय सुमन देवी की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी. घटना के बाद शव को खेत में ले जाकर जलाने की कोशिश की जा रही थी. लेकिन समय रहते महिला के मायके वालों को सूचना मिल गई और हत्या की साजिश बेनकाब हो गई.

गांववालों की सतर्कता से बच गया सबूत

गांव के एक व्यक्ति ने महिला के मायकेवालों को फोन कर घटना की जानकारी दी. सुचना मिलते ही सुमन के पिता और घरवाले घटनास्थल पर पहुंचे. यहां उन्होंने देखा की घर पर ताला लगा है और पास के खेत में ट्रेक्टर से लकड़ियां उतारी जा रही थी. उन्हें शक हुआ तो उन्होंने ट्रेक्टर की चाभी निकाल ली और तुरंत पुलिस को जानकारी दी.

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

सूचना मिलते ही श्रीपुर थाने की थानाध्यक्ष नेहा कुमारी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं. तब तक आरोपी शव लेकर भाग चुके थे. पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए गांव में छापेमारी शुरू की और मृतका के पति अरविंद यादव को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के बाद अरविंद की पहचान पर फुलवरिया थाना क्षेत्र के हरिहरा गांव की झाड़ियों से सुमन देवी का शव बरामद किया गया.

गले पर मिले रस्सी के निशान

शव देखने से साफ था कि महिला की हत्या गला दबाकर की गई है. गले पर रस्सी के गहरे निशान मिले हैं. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, गोपालगंज भेजा गया है.

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मायकेवालों का क्या आरोप?

मृतका के पिता हृदयानंद यादव ने बताया कि सुमन की शादी 2018 में अरविंद यादव से हुई थी. एक महीने पहले ही अरविंद दुबई से लौटा था. लौटने के बाद से ही परिवार में विवाद बढ़ता गया. सुमन के मायकेवालों ने आरोप लगाया कि अरविंद ने अपने परिवार के साथ मिलकर सुमन की हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया.

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दो बेटियों की हालत नाजुक

सुमन देवी की दो छोटी बेटियां अंशिका और आकृति हैं. मां की मौत की खबर से दोनों मासूम बच्चियां हताश हैं. मृतका के घरवालों का भी रो-रोकर बुरा हाल है. पुलिस फरार अन्य आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. (सुमेधा श्री)

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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