Aanganwadi Kendra: जिले में किराये के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए सरकारी भूमि चिह्नित कर स्थायी भवन निर्माण की प्रक्रिया तेज की जाएगी. जिला पदाधिकारी समीर सौरभ ने मंगलवार को आइसीडीएस योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए. बैठक में आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, केंद्रों पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं और सितंबर माह में चल रहे पोषण माह अभियान की प्रगति की समीक्षा की गयी.
डीएम ने कहा कि बच्चों के प्रारंभिक विकास और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए सुरक्षित और बेहतर आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को संबंधित अंचलाधिकारी और मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए सरकारी भूमि की उपलब्धता और सीमांकन की कार्रवाई जल्द पूरी कराने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि भूमि संबंधी मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए.
स्कूल के पास जमीन हो तो वहीं बने आंगनबाड़ी केंद्र
डीएम ने कहा कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए फिलहाल भूमि उपलब्ध नहीं है, उन्हें नजदीकी विद्यालय भवन में स्थानांतरित करने की संभावना पर विचार किया जाए. यदि विद्यालय परिसर में पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध हो, तो उसी परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र का स्थायी भवन निर्माण कराया जाए. इससे बच्चों को सुरक्षित वातावरण के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सकेंगी.
हर केंद्र पर शौचालय, पेयजल और बिजली जरूरी
समीक्षा के दौरान डीएम ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालय, स्वच्छ पेयजल और विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बच्चों की सुविधा और स्वास्थ्य से जुड़े इन बुनियादी संसाधनों की कमी किसी भी केंद्र पर नहीं रहनी चाहिए. संबंधित अधिकारियों को केंद्रवार स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया.
पोषण माह की गतिविधियां बढ़ाने का निर्देश
बैठक में सितंबर माह में चल रहे पोषण माह अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गयी. बताया गया कि जन आंदोलन डैशबोर्ड पर दर्ज गतिविधियों के आधार पर गोपालगंज जिला राज्य में सातवें स्थान पर है. डीएम ने रैंकिंग में और सुधार लाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर अधिक से अधिक जागरूकता और पोषण संबंधी गतिविधियां आयोजित करने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि आयोजित गतिविधियों की समय पर डैशबोर्ड पर प्रविष्टि भी सुनिश्चित की जाए, ताकि जिले की रैंकिंग में सुधार हो सके और पोषण अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो.
बैठक में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आइसीडीएस रंजना कुमारी, जिला समन्वयक पोषण अभियान सहित सभी प्रखंडों के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे.
