गोपालगंज में शिक्षकों के बकाया अंतर वेतन भुगतान पर सख्ती, 27 अगस्त तक दावा जमा करने का निर्देश

शिक्षा विभाग ने बकाया अंतर वेतन के भुगतान को लेकर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है. अब 27 अगस्त तक शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों को अपने विद्यालय के प्रधान के पास दावा-पत्र और जरूरी कागजात जमा करने होंगे. विवादित नियुक्तियों पर भुगतान नहीं किया जाएगा.

Dues Salary Payment: शिक्षा विभाग में बकाया अंतर वेतन के भुगतान को लेकर अब सख्ती शुरू हो गयी है. महीनों से विभिन्न प्रखंडों से अधूरे और जरूरी कागजात के बिना विपत्र भेजे जाने के कारण भुगतान की प्रक्रिया अटकी हुई थी. स्थापना डीपीओ विनय कुमार सुमन ने स्पष्ट किया है कि पूरे दस्तावेज और ठोस जांच के बिना एक भी दावा आगे नहीं बढ़ाया जायेगा. निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारी और कर्मी स्वयं जिम्मेदार होंगे.

दरअसल, बकाया अंतर वेतन वाले शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों से विपत्र पहले ही मांगे गये थे. इसके बावजूद कई प्रखंडों से अब तक विपत्र नहीं भेजे गये हैं, जबकि कुछ प्रखंडों से भेजे गये कागजात अधूरे पाये गये. इससे विपत्र तैयार करने और भुगतान की प्रक्रिया में परेशानी हो रही है.

27 अगस्त तक शिक्षकों को जमा करना होगा दावा

डीपीओ ने बताया कि जिन शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों का अंतर वेतन किसी कारण से अब तक बकाया है, उन्हें 27 अगस्त तक अपने विद्यालय के एचएम या प्रधान शिक्षक के पास दावा-पत्र और जरूरी कागजात जमा करने होंगे.

दावा-पत्र के साथ वेतन निर्धारण प्रपत्र, सेवा-पुस्तिका की छायाप्रति, आवेदन और संबंधित राशि पूर्व में नहीं मिलने का स्वघोषणा प्रमाण-पत्र देना होगा. इसके अलावा कर्मियों को अपने एचआरएमएस खाते से संबंधित वित्तीय वर्ष की सालाना बिल रिपोर्ट डाउनलोड कर उसकी प्रति भी संलग्न करनी होगी. इसी रिपोर्ट के आधार पर भुगतान से संबंधित दावे की जांच की जायेगी.

प्रधानाध्यापक की जांच के बाद ही आगे बढ़ेगा मामला

एचएम और प्रधान शिक्षक को आवेदन के साथ जमा किये गये सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच करनी होगी. अंतर वेतन की वास्तविक देयता की पुष्टि करने के बाद प्रमाण-पत्र के साथ शिक्षक कोटिवार अलग-अलग सूची तैयार कर 31 अगस्त तक प्रखंड शिक्षा कार्यालय में जमा करनी होगी.

इसके बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीइओ) भी सभी दावों की दोबारा जांच करेंगे. प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मियों का अलग-अलग ब्योरा तैयार कर क्रमवार विपत्रों के साथ सात सितंबर तक जिला शिक्षा कार्यालय भेजना होगा.

विवादित नियुक्ति पर नहीं मिलेगा भुगतान

शिक्षा विभाग ने नियुक्ति और प्रमाणपत्रों की जांच को लेकर भी सख्त शर्त लगायी है. एचएम और बीइओ को यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित शिक्षक या कर्मी की नियुक्ति स्वीकृत एवं सृजित पद के विरुद्ध और नियमानुसार हुई है.

विवादित नियुक्ति, स्वीकृत पद से इतर नियुक्ति या गलत, अमान्य अथवा संदिग्ध प्रमाणपत्र के आधार पर तैयार किसी भी अंतर वेतन विपत्र को भुगतान के लिए आगे नहीं भेजा जायेगा. ऐसे मामलों की अलग से रिपोर्ट स्थापना कार्यालय को देनी होगी.

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By संजय कुमार अभय

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