Gopalganj News(संजय कुमार अभय): यूपी के लखनऊ स्थित गोमतीनगर स्टेशन पर छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच से स्टील के बॉक्स और प्लास्टिक में लिपटे महिला के शव के टुकड़े मिलने के सनसनीखेज मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है. इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री की जांच करने गोपालगंज पहुंची लखनऊ रेल पुलिस की तफ्तीश कबाड़ हो चुके सिस्टम के कारण पूरी तरह उलझ गई है. दरअसल, जिस थावे जंक्शन पर यह बक्सा ट्रेन में लोड होने का मुख्य शक है, वहां अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगाए गए सीसीटीवी (CCTV) कैमरे पिछले 10 महीनों से पूरी तरह बंद पड़े हैं.
थावे से छपरा के बीच के सभी स्टेशनों पर CCTV कैमरे निष्क्रिय, गहराया शक
लखनऊ रेल पुलिस की तीन विशेष टीमों ने इस मामले में गोरखपुर से छपरा के बीच 15 और गोरखपुर से लखनऊ के बीच 5 छोटे-बड़े स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं. जांच में सामने आया कि थावे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 और प्लेटफॉर्म तक आने वाले मुख्य रास्तों पर लगे सभी कैमरे पिछले 10 माह से बंद हैं, जिसकी रिपोर्ट पहले भी की जा चुकी थी. केवल थावे ही नहीं, बल्कि गोपालगंज, सिधवलिया, दिघवा-दुबौली और राजोपट्टी समेत सारण जिले के भी कई स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरे निष्क्रिय पाए गए हैं. कैमरों के बंद होने से किसी संदिग्ध के बक्सा लेकर ट्रेन में चढ़ने की कोई भी लाइव फुटेज पुलिस के हाथ नहीं लग सकी है. यही वजह है कि पुलिस का शक अब थावे से छपरा के बीच के रेलखंड पर ही गहरा गया है.
मुस्लिम महिला होने की आशंका, आरक्षण चार्ट खंगाल रही पुलिस
गोमतीनगर स्टेशन पर रविवार को छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या-15114) से बरामद शव के पास से कुछ कपड़े भी मिले हैं. मृतका के हाथ में कोई रक्षा सूत्र, कलावा या धागा नहीं पाया गया है. इसके आधार पर जीआरपी (GRP) ने आशंका जताई है कि मृतका मुस्लिम वर्ग से हो सकती है.
पुलिस अब इस खास बिंदु को केंद्र में रखकर जांच को आगे बढ़ा रही है. रेलवे के आरक्षण (रिजर्वेशन) चार्ट से यह पता लगाया जा रहा है कि उस दिन संबंधित कोच में मुस्लिम वर्ग के कितने यात्री सवार थे. पुलिस उन यात्रियों के मोबाइल नंबर का रिकॉर्ड खंगालने और उनसे एक-एक कर पूछताछ करने की तैयारी में जुट गई है.
यात्रियों, वेंडरों और रेलकर्मियों से पूछताछ शुरू, थानों से मांगी मिसिंग रिपोर्ट
सीसीटीवी कैमरे बंद होने के बाद अब पुलिस पूरी तरह मैन्युअल इंटेलिजेंस और पूछताछ पर निर्भर हो गई है. ट्रेन जिन स्टेशनों के प्लेटफॉर्म से होकर गुजरी, वहां के खानपान स्टॉल के वेंडरों, कुलियों और ऑन-ड्यूटी रेलकर्मियों से पूछताछ की जा रही है कि क्या उन्होंने किसी को भारी स्टील का बक्सा कोच में रखते देखा था. आरक्षण स्लिप से हासिल मोबाइल नंबरों के आधार पर ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों से फोन पर और व्यक्तिगत रूप से फीडबैक लिया जा रहा है. आरपीएफ (RPF) इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि फिलहाल गोपालगंज जिले के लगभग सभी थानों में दर्ज होने वाली महिलाओं की गुमशुदगी (मिसिंग) रिपोर्ट को खंगाला गया है, लेकिन हाल-फिलहाल में ऐसी कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं है. रेल पुलिस ने इस मामले में गोपालगंज और सारण (छपरा) जिला पुलिस से भी सहयोग मांगा है ताकि थानों के स्तर पर अज्ञात लापता महिलाओं का मिलान किया जा सके.
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