Gopalganj News (राकेश कुमार) : दरोगा जी! क्या मुझे इंसाफ मिलेगा? जिस कोख से दो बेटों को जन्म दिया, पाल-पोसकर पढ़ाया-लिखाकर कामयाब बनाया. आज उन्हीं बेटों ने अपनी पत्नियों के साथ मिलकर मुझे बेरहमी से पीटा और घर से निकाल दिया. यह दर्दनाक दास्तान जब एक 70 वर्षीय वृद्ध मां ने रोते-बिलखते फुलवरिया थाना परिसर में सुनाई, तो वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों की आंखें भी नम हो गईं और वे कुछ देर के लिए हैरत में पड़ गए. मामला फुलवरिया थाना क्षेत्र के शुक्रवलिया गांव का है. यहां के निवासी विंध्याचल भगत की 70 वर्षीय वृद्ध पत्नी मंजू देवी अत्यंत घायल अवस्था में न्याय की गुहार लगाने थाने पहुंची थीं. बुजुर्ग महिला ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई कि उनके पति भी उम्रदराज हैं. उन्होंने अपने दोनों बेटों के अच्छे भविष्य के लिए दिन-रात एक कर दिया था. उन्हें पढ़ा-लिखाकर शादी कराई, रहने के लिए आलीशान मकान बनवाया और बहुओं व बेटों के भरण-पोषण के लिए खेती की जमीन तक खरीदी ताकि उन्हें भविष्य में कोई परेशानी न हो.
थाने पहुंच रो-रोकर सुनाई आपबीती
मैं अपने दोनों बेटों को दूध पिलाई सुबह शाम तेल लगाइए ताकि उसके हड्डियां नस मजबूत हो आज मेरे कलेजे के टुकड़ों ने मुझे ही घर से बेघर कर दिया, मेरे बेटो और बहुओं ने चप्पलों से मेरे सर और पूरे बदन पर इस कदर वार किया है कि मैं ठीक से खड़ी नहीं हो पा रही हूं. दो साल से प्रताड़ना झेल रही हूं, अब दरोगा जी आप ही न्याय करें. वृद्ध महिला मंजू देवी ने बताया कि पिछले दो वर्षों से बहुएं उनसे लगातार झगड़ा कर रही थीं. लेकिन इस बार क्रूरता की सारी हदें पार हो गईं. दोनों बेटों ने अपनी पत्नियों का साथ देकर मां की बेरहमी से पिटाई कर दी. हद तो यह है कि कलयुगी बेटों ने बुजुर्ग मां-बाप को दाने-दाने के लिए मोहताज कर दिया है. इस वृद्धावस्था में भी दोनों पति-पत्नी मजदूरी कर किसी तरह अपना पेट पाल रहे हैं. बीमारी की हालत में भी बेटा-बहू इलाज तक नहीं कराते. थाने में बुजुर्ग महिला की हालत देख पुलिसकर्मियों ने पहले उन्हें ढांढस बंधाया, पीने के लिए जल दिया और कुर्सी पर बिठाकर पूरी कहानी सुनी. पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित मां को आश्वस्त किया कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस के इस ठोस आश्वासन के बाद ही मंजू देवी के आंसू थम सके. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
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