Gopalganj News : (मनीष राज) गोपालगंज जिले के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य केंद्र सदर अस्पताल की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. जून माह में इमरजेंसी वार्ड से दर्जनों मरीजों को बड़े अस्पतालों के लिए रेफर किए जाने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. मरीजों के परिजन इलाज की बजाय तेजी से रेफर किए जाने पर नाराजगी जता रहे हैं.
बेहतर इलाज की उम्मीद में आते हैं मरीज
जिले के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अनुमंडलीय अस्पतालों से गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा जाता है. लेकिन यहां पहुंचने के बाद कई मरीजों को प्राथमिक उपचार देकर पटना, गोरखपुर, सिवान और अन्य शहरों के अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है.
Gopalganj Sadar Hospital परिजनों ने उठाए सवाल
मरीजों के परिजनों का आरोप है कि कई मामलों में पर्याप्त जांच और इलाज का प्रयास किए बिना ही मरीजों को रेफर कर दिया जाता है. इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और उन्हें दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है.
मरीज माफिया और दलालों की भूमिका पर चर्चा
लगातार बढ़ रहे रेफरल मामलों के बाद अस्पताल परिसर में सक्रिय मरीज माफिया, निजी अस्पतालों के एजेंट और दलालों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. लोगों के बीच चर्चा है कि कहीं मरीजों को निजी अस्पतालों तक पहुंचाने का कोई संगठित नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा.
Bihar Health System प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश
मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रशासन ने निजी एंबुलेंस चालकों और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं. अस्पताल परिसर में दलालों और बाहरी व्यक्तियों की अनधिकृत मौजूदगी रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया गया है.
इमरजेंसी और ओपीडी में बढ़ाई गई निगरानी
सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि गार्ड प्रभारी और सुरक्षा कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी, मुख्य द्वार और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर कड़ी निगरानी रखी जाए. यदि कोई व्यक्ति मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पताल ले जाने की कोशिश करता है तो तत्काल कार्रवाई की जाए.
आदेश नहीं मानने वालों पर होगी कार्रवाई
अस्पताल प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्देशों की अनदेखी करने वाले सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही ऐसे मामलों की सूचना तत्काल अस्पताल प्रशासन और नगर थाना को देने का भी निर्देश जारी किया गया है.
Patient Referral News क्या सुधरेगी व्यवस्था?
सवाल यह है कि प्रशासन की सख्ती के बाद क्या सदर अस्पताल से होने वाले रेफरल की बढ़ती संख्या पर अंकुश लग पाएगा. मरीजों और उनके परिजन अब स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज और संसाधनों की उपलब्धता की उम्मीद लगाए बैठे हैं.
