गोपालगंज. मॉडल सदर अस्पताल के आंख अस्पताल में पहली बार मोतियाबिंद के 38 मरीजों का ऑपरेशन किया गया है. ये सफलता डीएम प्रशांत कुमार सीएच की सख्ती के बाद मिली. उन्होंने अस्पताल प्रशासन को सजग किया और नेत्र रोग विभाग को सक्रिय किया. स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में 38 मरीजों का ऑपरेशन किया गया है, जबकि फरवरी की रिपोर्ट मार्च में जारी की जायेगी.
प्रभात खबर ने प्रमुखता से छापा था समाचार
यह महत्वपूर्ण सफलता तब मिली जब पिछले एक महीने में नेत्र रोग विभाग में महज दो मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था. यह जानकारी प्रमुखता से ””प्रभात खबर”” अखबार में प्रकाशित हुई थी, जिसके बाद प्रशासन पर दबाव बना और विभाग की कार्यशैली पर ध्यान दिया गया. खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम ने गंभीरता से मामले को लिया और अस्पताल प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो चिकित्सकों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जायेगी. डीएम की सख्ती के बाद अस्पताल प्रशासन ने तत्परता दिखाई और नेत्र रोग विभाग को सक्रिय किया. इसके परिणामस्वरूप अब तक 38 मरीजों का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है. यह एक सकारात्मक बदलाव है और उम्मीद जतायी जा रही है कि आने वाले समय में इस तरह के और ऑपरेशन किये जायेंगे.
क्या है मोतियाबिंद
मोतियाबिंद कई प्रकार के होते हैं. सबसे ज्यादा वृद्धावस्था का मोतियाबिंद है, जो 50 से अधिक आयु वालों में विकसित होता है. इसका कारण आनुवांशिकी, बुढ़ापा, या चोट शामिल हैं. इसमें समय के साथ दृष्टि में क्रमिक गिरावट आने लगती है. मोतियाबिंद से खुजली, आंसू आना या सिरदर्द नहीं होता है.
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