Gopalganj News: (सुरेश कुमार राय ) : महरादेउर गांव में सुमन देवी की हत्या के बाद भोरे-मीरगंज मुख्य पथ पर हुए भारी बवाल और पुलिस टीम पर पथराव के मामले में प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त करने और पुलिस पर रोड़ेबाजी करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ पुलिस ने पूरी रात सघन छापेमारी अभियान चलाया.
हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता के नेतृत्व में चली इस विशेष कार्रवाई में पुलिस ने अब तक एक दर्जन से अधिक संदेहास्पद लोगों को हिरासत में लिया है. मिली जानकारी के अनुसार पुलिस घटना के दौरान बनाए गए वीडियो और तस्वीरों के आधार पर हुड़दंगियों की पहचान कर रही है.
पुलिस की ओर से सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
आक्रोश की आड़ में उपद्रवियों ने किया बवाल
गुरुवार को महरादेउर गांव में बच्चे के शौच करने के मामूली विवाद में सुमन देवी की लोहे की रॉड से मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव के साथ भोरे-मीरगंज मुख्य सड़क को जाम कर दिया था.
शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन देखते ही देखते भीड़ में शामिल कुछ शरारती और उग्र तत्वों ने माहौल को हिंसक बना दिया. जैसे ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने पहुंचे, उपद्रवियों ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए पुलिस बल पर धावा बोल दिया.
उग्र भीड़ ने सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए श्रीपुर ओपी प्रभारी और हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता के सरकारी वाहनों पर ताबड़तोड़ ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए. पथराव इतना भीषण था कि दोनों अधिकारियों की गाड़ियों के शीशे चकनाचूर हो गए और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए.
इसके बाद उपद्रवियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर भी रोड़ेबाजी शुरू कर दी, जिससे मौके पर भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई. हालात बेकाबू होते देख पुलिस को आत्मरक्षा में लाठीचार्ज करना पड़ा था. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुमन देवी के हत्यारों के साथ-साथ पुलिस पर हमला करने वाले उपद्रवियों को भी किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
चार गांवों समेत उचकागांव थाना क्षेत्र में पुलिसिया दबिश
गुरुवार की रात पुलिस महकमे के लिए भारी हलचल वाली रही. उपद्रवियों की धरपकड़ के लिए हथुआ एसडीपीओ के नेतृत्व में भोरे, कटेया और विजयीपुर थाने की पुलिस ने संयुक्त रूप से बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया.
पुलिस की अलग-अलग टीमों ने भोरे थाना क्षेत्र के इमिलिया, महरादेउर, भोरे कस्बा और बिलरुआ गांव में एक साथ छापेमारी कर संदिग्धों को हिरासत में लेना शुरू किया. इसके अलावा पुलिस ने पड़ोसी उचकागांव थाना क्षेत्र में भी दबिश दी, जहां कुछ उपद्रवियों के छिपे होने की आशंका जताई जा रही है.
मृतका के परिजन को भी हिरासत में लिए जाने की चर्चा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के दौरान महरादेउर गांव से मृतका सुमन देवी के भसुर (जेठ) के बेटे को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है. हालांकि पीड़ित परिवार के सदस्य को हिरासत में लिए जाने को लेकर पुलिस महकमे की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
पुलिस अधिकारी फिलहाल इस मामले में कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं.
फरार पिता की तलाश में जुटी पुलिस
इधर मूल हत्याकांड की जांच को लेकर भी पुलिस टीम सक्रिय है. ग्रामीणों द्वारा मौके पर ही पकड़े गए मुख्य आरोपी अतेश चौहान से पूछताछ के आधार पर पुलिस उसके फरार पिता राजबलम चौहान की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है.
पीड़ित पक्ष के आवेदन के आधार पर पुलिस मुख्य मामले में भी सख्त कानूनी शिकंजा कसने में जुटी हुई है.
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