गोपालगंज. समाहरणालय सभा कक्ष में मंगलवार को डीएम पवन कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक में अप्रैल माह की स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, भव्या पोर्टल, मलेरिया एवं अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गयी.
एम ने स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की
बैठक में सिविल सर्जन बीरेंद्र प्रसाद, जिला स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारी, सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक तथा अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सहायक सहित स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे. बैठक के दौरान डीएम ने स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली, ओपीडी सेवाओं, मरीजों के औसत प्रतीक्षा समय, बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन, डाइट एवं किचन, लिनेन-लॉन्ड्री व्यवस्था तथा एम आशा एवं एचएससी एडॉप्शन की प्रगति की समीक्षा की. भव्या पोर्टल के आधार पर अप्रैल 2026 की रैंकिंग में उचकागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रथम स्थान पर रहा, जबकि फुलवरिया द्वितीय और मांझा तृतीय स्थान पर रहे. डीएम ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों की सराहना की तथा कमजोर प्रदर्शन वाले संस्थानों को सुधार लाने का निर्देश दिया. समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में अप्रैल माह में ओपीडी पंजीकरण एवं डॉक्टर परामर्श का औसत 99 प्रतिशत से अधिक रहा. अधिकांश स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों का वीटॉल चेक करने की स्थिति भी संतोषजनक पायी गयी. जिला अस्पताल में औसत प्रतीक्षा समय और यात्रा समय को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया. डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
8249 नयी गर्भवतियों का हुआ एएनसी पंजीकरण
अप्रैल में जिले में 8249 नयी गर्भवतियों का एएनसी पंजीकरण किया गया, जो निर्धारित लक्ष्य का 112 प्रतिशत से अधिक है. प्रथम तिमाही में एएनसी पंजीकरण की उपलब्धि भी 104 प्रतिशत से अधिक रही. गर्भवती महिलाओं को टीडी 1, टीडी 2 टीकाकरण, आयरन फोलिक एसिड एवं कैल्शियम टैबलेट वितरण में कई प्रखंडों का प्रदर्शन संतोषजनक पाया गया. सभी स्वास्थ्य संस्थानों को गर्भवतियों की नियमित जांच और सुरक्षित मातृत्व सेवाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
