गोपालगंज. जिले भर की मस्जिदों में शुक्रवार को रमजान के पहले जुमे की नमाज अदा की गयी. हजारों लोगों ने देश में अमन की दुआ मांगी. इमामों ने नमाज अदा कराने के साथ ही रमजान की फजीलत बयान की. इस दौरान जामा मस्जिद के आसपास काफी तादाद में पुलिस बल तैनात रहा. गोपालगंज के जंगलिया पेट्रोल पंप के पास मस्जिद, बड़ी बाजार की जामा मस्जिद, जंगलिया मुहल्ले में स्थित मस्जिद, दरगाह रोड स्थित ईदगाह, सरेया स्थित मस्जिद समेत जिले की सभी मस्जिदों व ईदगाहों में जुमे की नमाज अदा की गयी.
रोजे की नीयत न हो, तो रोजा नहीं रखना चाहिए
अकीदतमंदों ने देश में अमन और चैन व तरक्की के लिए दुआ मांगी. बड़ी बाजार के जामा मस्जिद के इमाम मौलाना शैदुल कादरी ने नवाज से पूर्व तकरीर करते हुए कहा कि रोजे में हमें छह बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. रमजान में आंखों से गलत नहीं देखना, जुबान से किसी की चुगली या गाली-गलौज से बचना, चुगली सुनने, पैरों के कदम गलत काम के लिए नहीं उठने चाहिए और हराम की चीज से रोजा नहीं खोलना चाहिए. उन्होंने कहा कि रोजे की नीयत न हो, तो रोजा नहीं रखना चाहिए. रोजा रखने के लिए रोजे की नीयत जरूरी है. रोजे में बीमार होने पर इंजेक्शन लगवाया जा सकता है, खून टेस्ट करा सकते हैं और ज्यादा बीमार होने पर ग्लूकोज चढ़ाया जा सकता है. रोजे में रोजेदार किसी की जान बचाने के लिए खून भी दे सकता है, ऐसा करने से रोजा नहीं टूटता है. उसके बाद जुमे की नमाज अदा करायी. नमाज के बाद देश में अमन, चैन, भाईचारा व तरक्की की दुआ करायी गयी.
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