Gopalganj News : को-ऑपरेटिव बैंक ने 377 छोटे व्यवसायियों को ₹8.42 करोड़ का ऋण देकर दिलाया रोजगार

गोपालगंज. दी सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के सभागार में बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह एवं महेश राय, दी सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष महेश राय की संयुक्त अध्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2025-26 के वित्तीय परिणामों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी.

गोपालगंज. दी सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के सभागार में बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह एवं महेश राय, दी सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष महेश राय की संयुक्त अध्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2025-26 के वित्तीय परिणामों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. समीक्षा बैठक में प्रभारी प्रबंध निदेशक बबलू कुमार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के वित्तीय परिणाम प्रस्तुत किये. उन्होंने बताया कि इस वर्ष बैंक ने नाबार्ड, पटना द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के आलोक में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. बैंक द्वारा फल-सब्जी विक्रेता, पान दुकान, रेडी-ठेला जैसे छोटे व्यवसायियों के लिए संचालित नगीना दैनिक जमा योजना की अभिकर्ताओं की उपस्थिति में समीक्षा की गयी. समीक्षा के दौरान पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभिकर्ताओं के माध्यम से इन व्यवसायियों द्वारा प्रत्येक माह लगभग ₹3.60 करोड़ की दर से कुल ₹43.00 करोड़ बैंक में जमा की गयी. इसके साथ ही बैंक ने 377 छोटे व्यवसायियों को ₹8.42 करोड़ का ऋण प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया. प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के किसानों, कामगारों, व्यवसायियों, महिलाओं तथा आम ग्राहकों के कुल 11,899 नये खाते खोले गए, जिनमें ₹48.14 लाख की राशि जमा हुई. बैठक में जमा-वृद्धि, ऋण वितरण, ऋण वसूली और ग्राहकों की सुविधाओं को संतोषजनक पाया गया. इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित लक्ष्य की भी समीक्षा की गयी. विशेष रूप से, एनपीए ऋण वसूली हेतु बैंक को अतिरिक्त प्रयास करने का निर्देश दिया गया.

50 माइक्रो एटीएम जल्दी समितियों को देने का निदेश

पैक्स कंप्यूटरीकरण योजना के तहत गो-लाइव हो चुकी 104 पैक्स की समीक्षा की गयी और निर्देश दिया गया कि इस वित्तीय वर्ष में सभी गो-लाइव पैक्स के माध्यम से केसीसी. ऋण वितरित करते हुए उसकी इआरपी में प्रविष्टि सुनिश्चित की जाये, ताकि वह भारत सरकार, सहकारिता विभाग के पोर्टल पर प्रदर्शित हो. बैठक में “सहकारिता में सहकार ” योजना की भी समीक्षा की गयी. इसमें ग्रामीण किसानों को उनके दरवाजे पर बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नाबार्ड द्वारा प्रदत्त 50 माइक्रो एटीएम जल्द से जल्द जिले की पैक्स और दुग्ध उत्पादक समितियों में वितरित करने का निर्देश दिया गया. वर्तमान में 10 समितियों को माइक्रो एटीएम वितरित किये जा चुके हैं और उनके सदस्यों के खाते खोले जा रहे हैं.

जिले में किसान उत्पादक संगठनों की हुई समीक्षा

बिहार राज्य सहकारी बैंक के एमडी मनोज कुमार सिंह ने जिले में सहकारिता विभाग के अंतर्गत गठित कुल 11 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओएस) के विकास के लिए बैंक द्वारा सीबीबीओ के रूप में किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की गयी. बैठक में बैंक के जनसंपर्क पदाधिकारी निखिल कुमार सिंह ने बताया कि सभी एफपीओएस में कुल 2,876 किसान सदस्यों द्वारा कुल ₹40.25 लाख शेयर राशि जमा की गयी है. आठ एफपीओएस का जीएसटी, ओएनडीसी, उद्यम का पंजीकरण करा दिया गया है और सरकार से इक्विटी ग्रांट भी प्राप्त हो गया है. कुछ एफपीओएस में खाद-बीज का व्यवसाय प्रारंभ हो चुका है और 30 किसानों ने मशरूम उत्पादन के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है.

अध्यक्ष ने अधिकारियों को किया सम्मानित

बैठक में अध्यक्ष महेश राय ने पटना से आये प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह एवं उप-महाप्रबंधक अंकित कुमार का प्रतीक चिह्न और शाल भेंट कर स्वागत एवं धन्यवाद व्यक्त किया. अध्यक्ष ने बैंक की समीक्षा के लिए पटना से गोपालगंज आने पर उनका आभार व्यक्त किया.

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By GURUDUTT NATH

GURUDUTT NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

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