Gopalganj News : जिला परिषद के सभागार में रोजगार योजनाओं पर किया गया जागरूक

गोपालगंज. बिहार कौशल विकास मिशन के तहत मंगलवार को जिला परिषद सभागार में एक दिवसीय जिलास्तरीय जागरूकता सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

गोपालगंज. बिहार कौशल विकास मिशन के तहत मंगलवार को जिला परिषद सभागार में एक दिवसीय जिलास्तरीय जागरूकता सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं पीएम इंटर्नशिप योजना, मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना और राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) के बारे में युवाओं को विस्तार से और आसान भाषा में जानकारी दी गयी. इस दौरान बड़ी संख्या में युवा, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि और उद्योग जगत से जुड़े लोग मौजूद रहे. कार्यक्रम में नियोजन एवं प्रशिक्षण के निदेशक सुनील कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को कौशल से जोड़कर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है. कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक (नियोजन), अवर प्रादेशिक नियोजनालय, छपरा द्वारा किया गया. मौके पर जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, जिला कौशल प्रबंधक, विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि, आइटीआइ, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग और डिग्री कॉलेजों के प्राचार्य तथा प्रशिक्षण प्रदाता भी उपस्थित रहे.

पीएम इंटर्नशिप योजना से युवाओं को बड़ा अवसर

कार्यक्रम में बताया गया कि पीएम इंटर्नशिप योजना 2026 के तहत 21 से 24 वर्ष के युवाओं को देश की शीर्ष 500 कंपनियों में 9 से 12 महीने तक इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा. इस दौरान युवाओं को हर महीने अधिकतम 9000 रुपये तक स्टाइपेंड दिया जायेगा. अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के माध्यम से अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है.

मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना से ट्रेनिंग के साथ मिलेगा आर्थिक सहयोग

मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना के तहत 18 से 28 वर्ष के 12वीं पास, आईटीआई या स्नातक बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के दौरान हर महीने 4000 से 6000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी. इससे युवा बिना आर्थिक परेशानी के प्रशिक्षण ले सकेंगे.

एनएपीएस के तहत उद्योग से जुड़ा प्रशिक्षण

राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) के तहत युवाओं को 6 महीने से लेकर 36 महीने तक विभिन्न ट्रेड में अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण दिया जाता है. इस योजना में सरकार द्वारा स्टाइपेंड का एक हिस्सा, अधिकतम 1500 रुपये प्रति माह, सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजा जाता है.

युवाओं की शंकाओं का समाधान, सफल रहा आयोजन

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित युवाओं ने योजनाओं से जुड़ीं अपनी जिज्ञासाएं रखीं, जिनका अधिकारियों द्वारा मौके पर ही समाधान किया गया. वक्ताओं ने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें रोजगार से जोड़ना है. कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला कौशल प्रबंधक राकेश कुमार, लिपिक धनजीत कुमार और डाटा एंट्री ऑपरेटर जयप्रकाश सिंह की अहम भूमिका रही.

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By SHARWAN KUMAR

SHARWAN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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