Gopalganj News : शहर की आबोहवा खराब स्तर पर पहुंची, एक्यूआइ 340 पर पहुंचा

Gopalganj News : त्योहार का सीजन चल रहा है. सामने धनतेरस, दीपावली, भैया दूज, छठपूजा, देव दीपावली है. ऐसे में जिले की आबोहवा तेजी से बिगड़ रही है.

गोपालगंज. त्योहार का सीजन चल रहा है. सामने धनतेरस, दीपावली, भैया दूज, छठपूजा, देव दीपावली है. ऐसे में जिले की आबोहवा तेजी से बिगड़ रही है. पिछले दो दिनों से गोपालगंज का एक्यूआइ लेवल दिल्ली जैसा हो चुका है. अपने शहर का एक्यूआइ मंगलवार की सुबह 340 पर पहुंच गया. हालांकि शाम को घटकर 111 पर आ गया. सुबह में हल्का स्मॉग जैसा भी नजारा दिखा.

आज और बिगड़ सकता है प्रदूषण का स्तर

मौसम विज्ञानी डॉ एसएन पांडेय ने बताया कि गोपालगंज में कोई बड़ी इंडस्ट्री नहीं है. इसके बाद भी हवा के खराब होने के पीछे के कारणों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. प्रदूषण का स्तर बुधवार को बढ़कर बेहद खराब स्तर पर पहुंचने के आसार हैं. इतना ही नहीं, दीपावली के मौके पर अगर परदेश से आने वाले लोगों के वाहनों की बढ़ती संख्या व पटाखा छूटा, तो शहर के लोगों के दम घुटने से भी रोकने की बड़ी चुनौती होगी. शहर के लोग अगर नहीं संभले, तो भयावह स्थिति का सामना करना पड़ सकता है. प्रदूषण बीमार बनाने के लिए काफी है. शहर में रिहायशी इलाके में जहां-तहां कचरा फेंक देने के कारण भी शहर प्रदूषित हो रहा है. शहर के बीचोबीच निकलने वाली छाड़ी नदी को संजीवनी नहीं मिलने के कारण उसमें से बदबू निकल रही है. नदी के किनारे रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है. शहर के नालों का पानी भी इसी नदी में गिर रहा है.

मेडिकल वेस्टेज से हवा में घुल रहे बैक्टीरिया व वायरस

शहर में एक दर्जन से अधिक नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर और एक दर्जन से अधिक पैथोलॉजी एवं सैंपल कलेक्शन सेंटर हैं. इनमें से रोजाना बड़ी मात्रा में बायोमेडिकल वेस्ट (अस्पताल का कचरा) निकलता है, जो संक्रमित होता है, और इसके खुले में रहने से वातावरण के दूषित होने का खतरा रहता है. अस्पताल के कचरे को आम कूड़े की तरह फेंक दिया जाता है, जिसके ढेर में फेंकी गयी सिरिंज, निडिल और खून से सने हुए कॉटन में तमाम हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस होते हैं. शहर के बीच से निकलने वाली छाड़ी नदी भी मेडिकल कचरे से पटी है. ये हवा के साथ सांसों के जरिये स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं. वे बीमार बना रहे हैं.

आज नगर परिषद ले सकता है अहम फैसला

शहर में बढ़ते प्रदूषण लेवल को गंभीरता से लेते हुए नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि प्रदूषण के लेवल को कैसे कम किया जाये, इसपर ठोस कदम उठाने पर विचार किया जायेगा. उसके बाद कड़ाई के साथ पालन भी कराया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: GURUDUTT NATH

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >