Gopalganj News : सिसई में युवक की हत्या से आक्रोश, बीएमपी व दंगा निरोधक दस्ते के हवाले हुआ इलाका

Gopalganj News : गोपालगंज जिले के भोरे थाना क्षेत्र सिसई बाजार व आसपास के इलाके को बीएमपी, बीसेप की महिला कमांडो, दंगा निरोधक दस्ता के हवाले कर दिया गया है.

भोरे. गोपालगंज जिले के भोरे थाना क्षेत्र सिसई बाजार व आसपास के इलाके को बीएमपी, बीसेप की महिला कमांडो, दंगा निरोधक दस्ता के हवाले कर दिया गया है. गांवों में महिला कमांडो ने मोर्चा को संभाल लिया है. यहां आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है.

बाजार रहा बंद

रात की घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल व्याप्त है. बाजार बंद रहा. दुकानों में घटना को लेकर दहशत साफ झलक रही है. मंगलवार की देर शाम सिसई में युवक कैफ खान की चाकू मारकर हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया. हत्या की खबर फैलते ही सिसई बाजार में उग्र भीड़ ने आगजनी और तोड़फोड़ शुरू कर दी. कई दुकानों को क्षति पहुंचायी गयी और दो बाइक, एक दुकान को जला दिया गया. साथ ही सिसई-भोरे मुख्य मार्ग पर आगजनी कर जाम कर दिया गया. पुलिस से भी झड़प हो गयी. हालात को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है.

आने-जाने वाले पर रखी जा रही पैनी नजर

चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है और हर आने-जाने वाले पर पैनी नजर रखी जा रही है. पूरे इलाके में कर्फ्यू जैसी स्थिति दिख रही. लोगों में दहशत कायम है. घटना के बाद पुलिस और प्रशासन को स्थानीय लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा, लेकिन अधिकारियों ने संयम और सूझबूझ से काम लेते हुए हालात को संभाला. एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता, एसडीओ अभिषेक चंदन, बीडीओ दिनेश कुमार सिंह, थानाध्यक्ष आरबी राय और अन्य अधिकारियों ने लगातार संवाद कर लोगों को समझाने का प्रयास किया. करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया और इलाके में शांति बहाल हो गयी. प्रशासन की तरफ से स्थिति को पूरी तरह से काबू में होने का दावा किया गया है.

देर रात पहुंचे सारण डीआइजी, प्रशासन ने संभाली कमान

घटना के बाद तनाव बढ़ता देख सारण डीआइजी नीलेश कुमार, गोपालगंज डीएम प्रशांत कुमार सीएच,एसपी नवजोत सीमी, सीवान एसपी अमितेश कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी देर रात सिसई पहुंचे. बाजार में आगजनी और तोड़फोड़ के बाद हालात काबू में करने के लिए सीवान से अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया गया. फायर ब्रिगेड की टीम ने दुकानों में लगी आग पर काबू पाया. देर रात करीब 1:30 बजे फ्लैग मार्च भी किया गया. तब जाकर कुछ दुकानदार अपनी दुकानों से निकलकर घर लौट सके.

चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात, गांव बना छावनी

सिसई में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बीएमपी, दंगा निरोधक दस्ता, महिला बटालियन और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रशासन ने इलाके के 11 चिह्नित स्थानों पर दंडाधिकारियों के साथ फोर्स की तैनाती की है, जिनमें सिसई बाजार, जमाल खान के घर के पास, लाल छापर जाने वाली सड़क, पैरामेडिकल कॉलेज और पठान टोला शामिल हैं. पुलिस कप्तान नवजोत सीमी बुधवार को भी सिसई पहुंच कर स्थिति का आकलन कर पुलिस अधिकारियों को अलर्ट रहने का आदेश दिया.

मदरसा और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सुरक्षा

पैठान टोला में स्थित मदरसा सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गयी है. इन इलाकों में जाने वालों की पूरी जानकारी लेकर ही उन्हें आगे जाने की अनुमति दी जा रही है.

सिसई बाजार रहा बंद, रूट डायवर्ट

तनाव को देखते हुए सिसई बाजार को एहतियातन बंद रखा गया. केवल मेडिकल दुकानों को खोलने की अनुमति दी गयी. सुरक्षा कारणों से मुख्य सड़क का रूट कुछ समय के लिए डायवर्ट कर जैतपुरा होते हुए वाहनों को निकाला गया. बाद में स्थिति सामान्य होने पर मुख्य मार्ग को फिर से खोल दिया गया. संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है.

घटनास्थल सील, खून के धब्बे और चाकू का कवर बरामद

पुलिस ने घटनास्थल को पूरी तरह से सील कर दिया है. मौके से खून के धब्बे और चाकू का कवर बरामद किया गया है. पुलिस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाने का दावा कर रही है. वहीं दूसरी तरफ, समाचार लिखे जाने तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी. हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि सिसई में माहौल शांत है, आम लोग भी प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं. उन्होंने किसी भी तरह की अफवाह से बचने की अपील की है. साथ ही दोषियों पर कार्रवाई की बात भी कही है.

शव पहुंचते ही मचा कोहराम, गुस्से में उफन उठा सिसई

पोस्टमार्टम के बाद जब कैफ खान का शव गोपालगंज से सिसई लाया गया, तो पूरे गांव में मातम पसर गया. शव वाहन के गांव पहुंचते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. भीड़ ने शव वाहन को उस स्थान पर रोक दिया, जहां कैफ की हत्या की गयी थी. एक युवक शव वाहन के आगे लेट गया और लोगों ने न्याय की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया. मौके पर हथुआ एसडीओ अभिषेक चंदन, एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता और अन्य प्रशासनिक अधिकारी पहुंचकर भीड़ को समझाने का प्रयास करते रहे. काफी मशक्कत के बाद लोग शांत हुए, तब जाकर शव को कैफ के घर ले जाया गया.

परिजनों की हालत रो-रोकर हुई खराब

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. मां बार-बार बेहोश हो रही थीं. वहीं कैफ की दोनों बहनें भाई के शव से लिपटकर फूट-फूट कर रो रही थीं. गांव में हर कोई शोकग्रस्त था और किसी को विश्वास नहीं हो रहा था कि उनका चहेता कैफ अब इस दुनिया में नहीं है.

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Published by: Gurudutt nath

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