गोपालगंज से विकास दुबे की रिपोर्ट
Gopalganj News : जिले के प्रस्तावित सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर शिक्षा विभाग ने दूसरे चरण की चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है. प्रथम चरण के बाद रिक्त रह गए पदों को भरने के लिए आवेदन प्रक्रिया 8 जून से शुरू होकर 11 जून तक चलेगी.
जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) योगेश कुमार ने बताया कि विभाग का उद्देश्य नए शैक्षणिक सत्र से पहले मॉडल स्कूलों में पर्याप्त संख्या में योग्य शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके.
केवल माध्यमिक शिक्षक ही कर सकेंगे आवेदन
डीईओ ने बताया कि दूसरे चरण की चयन प्रक्रिया में केवल माध्यमिक शिक्षक ही आवेदन के पात्र होंगे. इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि 8 से 11 जून के बीच आवेदन कर सकते हैं.
आवेदन प्राप्त होने के बाद 12 से 14 जून तक दस्तावेजों की जांच एवं समीक्षा की जाएगी. इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पात्रता एवं योग्यता की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए.
13 से 15 जून तक होगा साक्षात्कार
जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद 13 से 15 जून तक साक्षात्कार आयोजित किया जाएगा. चयन समिति अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता, विषयगत दक्षता, कार्य अनुभव एवं विद्यालयी गतिविधियों में योगदान के आधार पर मूल्यांकन करेगी.
इसके बाद 16 जून तक चयनित शिक्षकों की अंतिम सूची प्रकाशित कर दी जाएगी. सूची जारी होने के बाद पदस्थापना की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
मॉडल स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
डीईओ योगेश कुमार ने बताया कि सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. इन विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन, नियमित शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि योग्य एवं समर्पित शिक्षकों की नियुक्ति विभाग की प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से चयन प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया है.
पहले चरण में रह गई थीं रिक्तियां
डीईओ ने बताया कि पहले चरण में शिक्षकों का चयन किया गया था, लेकिन कुछ विद्यालयों में पद रिक्त रह गए थे. इन्हीं रिक्त पदों को भरने के लिए अब दूसरा चरण शुरू किया गया है. विभाग को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया के बाद अधिकांश रिक्तियां भर जाएंगी और मॉडल स्कूलों का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से होगा.
विद्यार्थियों को मिलेगा बेहतर शैक्षणिक माहौल
मॉडल स्कूलों का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है. यहां आधुनिक शिक्षण पद्धति, नियमित मूल्यांकन और सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
