Bihar News: बिहार में सम्राट चौधरी की अगुवाई में हुई कैबिनेट बैठक में 29 अप्रैल 2026 को कुल 63 एजेंडों पर मुहर लगी. इनमें सबसे अहम एजेंडा गंगा एवं नारायणी पथवे परियोजना को मंजूरी देना रहा, जिसे राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है. इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत सारण जिले के दरिहरा से गोपालगंज के डुमरिया घाट तक 73.51 किमी और भोजपुर जिले के कोईलवर से बक्सर तक 90 किमी. लंबे अत्याधुनिक पथवे का निर्माण किया जाएगा.
विधायक मिथिलेश तिवारी की पहल रंग लाई
इस परियोजना को लेकर बैकुंठपुर के विधायक मिथिलेश तिवारी ने विधानसभा के अठारहवें सदन के द्वितीय सत्र में जोरदार तरीके से मुद्दा उठाया था. उन्होंने पटना से डुमरिया और कोईलवर से बक्सर तक बेहतर कनेक्टिविटी की जरूरत को प्रमुखता से रखा था. उनकी मांग पर तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने सकारात्मक आश्वासन दिया था, जो अब मंजूरी के रूप में सामने आया है.
क्षेत्र में खुशी की लहर
परियोजना को स्वीकृति मिलने के बाद बक्सर और बैकुंठपुर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है. विधायक मिथिलेश तिवारी ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह सिर्फ सड़क परियोजना नहीं, बल्कि बिहार के समग्र विकास का नया द्वार है.
क्या होंगे फायदे?
गंगा एवं नारायणी पथवे परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बिहार के कई क्षेत्रों में व्यापक बदलाव लाने की क्षमता रखती है. इससे राज्य को कई बड़े फायदे मिलने की उम्मीद है. इस पथवे के बनने से पटना, बक्सर, सारण और गोपालगंज के बीच आवागमन तेज और आसान हो जाएगा, जिससे लोगों का समय बचेगा.
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से व्यापार और बाजार को बढ़ावा मिलेगा, वहीं किसान अपने उत्पाद आसानी से बाजार तक पहुंचा सकेंगे और उन्हें बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी. इसके अलावा, नदी किनारे बनने वाला यह पथवे पर्यटन को भी बढ़ावा देगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा. साथ ही, आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस और पुलिस की पहुंच भी तेज होगी, जिससे लोगों को समय पर मदद मिल सकेगी.
बिहार के विकास में मील का पत्थर
गंगा और नारायणी नदी के किनारे बनने वाला यह पथवे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रतीक होगा. विशेषज्ञ का मानना हैं कि यह परियोजना बिहार को आर्थिक और सामाजिक रूप से नई ऊंचाई पर ले जाने में अहम भूमिका निभाएगी. गंगा-नारायणी पथवे परियोजना को मिली कैबिनेट मंजूरी न केवल एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की शुरुआत है, बल्कि यह बिहार में बदलते राजनीतिक और विकासात्मक दृष्टिकोण को भी दर्शाता है.
Written By: Ragini Sharma
(गोपालगंज से संजय कुमार अभय की रिपोर्ट)
