गोपालगंज में गंडक नदी का जलस्तर फिर बढ़ा, विशंभरपुर में खतरे के निशान से 35 सेमी नीचे

गंडक नदी का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है, जिससे दियारा और तटवर्ती इलाकों में कटाव का खतरा बढ़ गया है. प्रशासन और इंजीनियरों की टीमें तटबंधों की लगातार निगरानी कर रही हैं.

Gopalganj Flood Update : नेपाल के तराई क्षेत्रों में हो रही बारिश का असर अब गंडक नदी के जलस्तर पर दिखने लगा है. करीब पांच दिनों तक घटने के बाद सोमवार को गंडक नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा. वाल्मीकिनगर बैराज से नदी में पानी का डिस्चार्ज 24 घंटे के भीतर 81 हजार क्यूसेक से बढ़कर 1.09 लाख क्यूसेक पहुंच गया. विशंभरपुर में नदी खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी, जबकि मंगलवार की शाम तक जलस्तर में करीब 12 सेंटीमीटर तक वृद्धि का अलर्ट जारी किया गया है.

जलस्तर में उतार-चढ़ाव से बढ़ा कटाव का खतरा

गंडक नदी के लगातार घटते-बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दियारा और तटवर्ती इलाकों में कटाव का खतरा बढ़ गया है. जानकार ग्रामीणों का कहना है कि नदी का इस तरह उतार-चढ़ाव वाला मिजाज कटाव की स्थिति को गंभीर बना सकता है. अगले 15 दिनों को गंडक नदी के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जा रहा है. सितंबर तक संभावित बाढ़ और कटाव की स्थिति को देखते हुए तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है.

तटबंधों पर पूरी रात निगरानी में जुटे इंजीनियर

नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ संघर्षात्मक बल के अध्यक्ष नवल किशोर सिंह, मुख्य अभियंता प्रमोद कुमार, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता मो. साजिद इकबाल और विशंभरपुर में पवन कुमार समेत अन्य अधिकारी व इंजीनियर मुस्तैद रहे. गौसिया तटबंध समेत संवेदनशील स्थानों पर पूरी रात निगरानी की गयी. प्रशासन की ओर से भी नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

नेपाल में बारिश से बढ़ रहा गंडक का डिस्चार्ज

जानकारों के अनुसार नेपाल के अरुघाट, काकनी, कार्किनिता, पंचमौल, मलूंगा, अंगीकोट, परासी, दंडासबाड़ा, लंबपतना, कमालगांव और भैरहवां समेत कई इलाकों में बारिश होने के कारण गंडक नदी में पानी बढ़ रहा है. इसका सीधा असर वाल्मीकिनगर बैराज से होने वाले डिस्चार्ज पर पड़ रहा है.

17 जुलाई को 2.24 लाख क्यूसेक पानी पार कर चुका है

बताया गया कि 17 जुलाई को गंडक नदी में 2.24 लाख क्यूसेक पानी गोपालगंज क्षेत्र से सफलतापूर्वक पार कर चुका है. उस समय भी तटबंधों पर किसी तरह का असर नहीं दिखा था. अधिकारियों और जानकारों के अनुसार करीब तीन लाख क्यूसेक तक पानी पहुंचने के बाद ही निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है.

अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से नीचे है नदी

सोमवार को नदी का जलस्तर अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से नीचे रहा. विशंभरपुर में नदी 41 सेंटीमीटर, पतहरा में 75 सेंटीमीटर और टंडसपुर में 48 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी. हालांकि, जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए तटबंधों और नदी के किनारे बसे इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गयी है.

शाम तक 1.09 लाख क्यूसेक पहुंचा डिस्चार्ज

वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी में सोमवार को सुबह छह बजे 86 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ. सुबह आठ और 10 बजे भी डिस्चार्ज 86 हजार क्यूसेक रहा. दोपहर 12 बजे यह बढ़कर 97,500 क्यूसेक हो गया. दोपहर दो और शाम चार बजे भी 97,500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. शाम छह बजे डिस्चार्ज बढ़कर 1.09 लाख क्यूसेक पहुंच गया.

फोटो नं 19- गौसिया तटबंध पर निगरानी करते इंजीनियर | Prabhat Khabar Network

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By संजय कुमार अभय

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >