गोपालगंज: गंडक नदी का घटने लगा जलस्तर, वाल्मीकिनगर बराज से डिस्चार्ज 1.75 लाख से घटकर 1.34 लाख क्यूसेक पहुंचा

गंडक नदी का जलस्तर घटने से गोपालगंज के दियारा क्षेत्र के लोगों को बाढ़ से बड़ी राहत मिली है. जल संसाधन विभाग ने खतरे के निशान से नीचे जलस्तर पहुंचने की पुष्टि की है, हालांकि सतर्कता जारी है.

गोपालगंज: नेपाल के तराई क्षेत्रों में बारिश थमने के बाद गंडक नदी का जलस्तर अब घटने लगा है. वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा 24 घंटे में 1.75 लाख क्यूसेक से घटकर गुरुवार को 1.34 लाख क्यूसेक दर्ज की गयी. जलस्तर में कमी आने से जिले के दियारा क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है.

जल संसाधन विभाग के अनुसार, गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे पहुंच गया है. नदी में 2.24 लाख क्यूसेक पानी सफलतापूर्वक गोपालगंज से पार कर जाने का दावा विभाग के विशेषज्ञों ने किया है. तटबंधों पर फिलहाल कहीं से भी किसी प्रकार की क्षति या दबाव की सूचना नहीं है.

नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है. विभाग के अधिकारी पूरी रात तटबंधों पर कैंप कर स्थिति का जायजा लेते रहे.

जलस्तर घटने के बाद गंडक नदी के निचले इलाकों और दियारा क्षेत्र में रहने वाले लोगों को फिलहाल बाढ़ के खतरे से राहत मिली है. हालांकि विभाग ने सतर्कता बरकरार रखने का निर्देश दिया है.

खतरे के निशान से नदी की स्थिति

  • विशंभरपुर: खतरे के निशान से 01.00 सेमी ऊपर
  • पतहरा: खतरे के निशान से 20.00 सेमी नीचे
  • डमरिया: खतरे के निशान से 28.00 सेमी नीचे

गंडक नदी का डिस्चार्ज

  • सुबह 06:00 बजे - 1.34 लाख क्यूसेक
  • सुबह 08:00 बजे - 1.42 लाख क्यूसेक
  • सुबह 10:00 बजे - 1.40 लाख क्यूसेक
  • दोपहर 12:00 बजे - 1.32 लाख क्यूसेक
  • दोपहर 02:00 बजे - 1.34 लाख क्यूसेक
  • शाम 04:00 बजे - 1.34 लाख क्यूसेक
  • शाम 06:00 बजे - 1.34 लाख क्यूसेक

गौसिया तटबंध पर बढ़ा दबाव, बाढ़ नियंत्रण विभाग अलर्ट

वाल्मीकिनगर बराज से अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई, जिससे मांझा प्रखंड के गौसिया स्थित सारण तटबंध पर पानी का दबाव बढ़ गया है. तटबंध की सुरक्षा को लेकर बाढ़ नियंत्रण विभाग पूरी तरह सतर्क है.

गुरुवार को बाढ़ नियंत्रण विभाग के कनीय अभियंता आदित्य कुमार मिश्रा ने गौसिया एवं निमुईया तटबंध का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने तटबंध के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण करते हुए विभागीय कर्मियों को 24 घंटे निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया.

कनीय अभियंता ने कहा कि गंडक नदी के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी. वर्तमान में तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है और कहीं से भी कटाव या क्षति की सूचना नहीं है.

उन्होंने बताया कि वाल्मीकिनगर बराज से पानी छोड़े जाने के कारण नदी में जलप्रवाह बढ़ा था. एहतियात के तौर पर संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.

निरीक्षण के दौरान निमुईया पंचायत के मुखिया विनोद सहनी सहित विभागीय कर्मी और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे.

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Author: Akhil srivastva

Published by: Vivek Ranjan

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