gopalganj news. चार बाल श्रमिकों को कराया गया मुक्त, नियोजकों पर होगी एफआइआर

श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ने बताया कि मुक्त कराए गए सभी बच्चों को जिला बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया गया है

गोपालगंज. श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार एवं जिला पदाधिकारी, गोपालगंज के निर्देशानुसार बाल एवं किशोर श्रमिक निषेध एवं विनियमन अधिनियम 1986 के तहत गठित धावा दल ने शनिवार को कुचायकोट थाना क्षेत्र में बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए चार बाल श्रमिकों को मुक्त कराया. यह अभियान 29 नवंबर को सिपाया इलाके के तीन प्रतिष्ठानों मिथलेश मिष्ठान भंडार, तंदूरी चाय घर और काठमांडू डोटल रेस्टोरेंट पर एक साथ चलाया गया. मिथलेश मिष्ठान भंडार और तंदूरी चाय घर से एक-एक तथा काठमांडू डोटल से दो नाबालिग बाल श्रम से मुक्त किया गया. कार्रवाई में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी कुचायकोट पुरुषोत्तम कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी गोपालगंज धर्मेंद्र कुमार सिंह और श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी मांझा योगेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में टीम शामिल रही. धावा दल के साथ गोपालगंज पुलिस लाइन तथा संबंधित थाना पुलिस बल भी मौजूद था, जिसने पूरे अभियान को सुरक्षित व प्रभावी बनाया. श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ने बताया कि मुक्त कराए गए सभी बच्चों को जिला बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया गया है, जहां उनकी सुरक्षा, परामर्श और पुनर्वास से जुड़े आगे के कदम उठाए जाएंगे. साथ ही संबंधित श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी को सभी नियोजकों के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने, तथा अन्य कानूनी कार्रवाई यथाशीघ्र सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि बाल श्रम के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी प्रतिष्ठान में नाबालिगों से कार्य कराने पर कठोर दंड सुनिश्चित किया जाएगा.

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Published by: Shashi kant kumar

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