gopalganj news. चीनी मिल के संचालन व बकाया भुगतान की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू

चीनी मिल पर किसानों का 46.36 करोड़ रुपये है बकाया, सासामुसा चीनी मिल की मशीनों को स्क्रैप में नीलाम किये जाने से नाराज हैं किसान

सासामुसा. 1932 में स्थापित सासामुसा चीनी मिल की मशीनों को स्क्रैप में नीलाम किए जाने से नाराज किसानों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा. सोमवार को किसानों और उनके प्रतिनिधियों ने धरना को अनिश्चितकालीन करने का निर्णय लिया. आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि जब तक सरकार सासामुसा चीनी मिल को पुनः चालू करने की घोषणा नहीं करती, तब तक धरना अनवरत जारी रहेगा.

किसान संघर्ष समिति के बैनर तले अब आर-पार की लड़ाई की शुरुआत कर दी गई है. किसानों का कहना है कि चीनी मिल पर उनका करीब 46.36 करोड़ रुपये बकाया है. इसके बावजूद नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल, कोलकाता के आदेश पर सेंट्रल बैंक की अपील के तहत चीनी मिल की मशीनों को 18.5 करोड़ रुपये में स्क्रैप के रूप में नीलाम कर दिया गया है. नीलामी कर्नाटक की एक कंपनी के पक्ष में की गई है.

प्रशासन से आंदोलन में सहयोग की अपील

धरना को संबोधित करते हुए किसानों ने कहा कि वे अपनी जान दे देंगे, लेकिन चीनी मिल की मशीनों को यहां से उठाकर ले जाने नहीं देंगे. किसानों ने सरकार से मांग की कि सासामुसा चीनी मिल को फिर से चालू किया जाए, आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों के बकाये का भुगतान कराया जाए और फैक्ट्री के मजदूरों के लंबित वेतन का भी शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए. किसानों ने प्रशासन से भी आंदोलन में सहयोग करने की अपील की.

धरना में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष एम. तौहीद, धरना के संयोजक एवं पूर्व जिला पार्षद सत्येंद्र बैठा, सत्येंद्र सिंह, गुड्डू कुशवाहा, यूनियन नेता नितिन, सुनील यादव, पूर्व मुखिया ध्रुप सिंह, विधायक प्रतिनिधि छोटन पांडेय, शिवजी कुशवाहा, शैलेश पांडेय, राजकिशोर गिरी, राज सोनी, रंजीत पांडेय, अर्जुन सिंह प्रसाद, बृजमोहन कुशवाहा, आरिफ खान सहित सैकड़ों की संख्या में किसान और कर्मचारी मौजूद रहे.

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By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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