गोपालगंज : किसानों को जैविक खाद के तीन पिट बनाने पर मिलेगा 15 हजार रुपये, बिना रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगा लाभ, ऐसे करें आवेदन

Gopalganj Farmers Meet : गोपालगंज में आयोजित किसान गोष्ठी में धान की फसल में लगने वाले रोगों के उपचार और जैविक खाद के फायदों पर जोर दिया गया. किसानों को जैविक खाद बनाने के लिए 15 हजार रुपये तक का अनुदान मिलेगा.

Gopalganj Farmers Meet : गोपालगंज के पंचदेवरी प्रखंड की मझवलिया पंचायत के नेहरुआ कला में मंगलवार को किसान गोष्ठी आयोजित की गयी. इसमें किसानों को धान की फसल में लगने वाले रोगों की पहचान और उपचार के साथ जैविक खाद के फायदे बताए गये. कृषि विभाग ने जैविक खाद के लिए मिलने वाले अनुदान और फलों की क्लस्टर खेती से जुड़ी योजनाओं की भी जानकारी दी.

नेहरुआ कला में आयोजित हुई किसान गोष्ठी

मझवलिया पंचायत के नेहरुआ कला में शारदीय मौसम के तहत मंगलवार को किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन सरपंच मनोरंजन लाल श्रीवास्तव, नोडल कृषि समन्वयक सुमंत दुबे, प्रदीप मिश्र, कृषि समन्वयक पंकज पांडेय और प्रखंड उद्यान पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया.

किसानों को योजनाओं और खेती की तकनीक की जानकारी

गोष्ठी में किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गयी. अधिकारियों ने फसल उत्पादन बेहतर करने के लिए खेती की तकनीक और जरूरी सावधानियों के बारे में बताया. किसानों को उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी प्रक्रियाओं की भी जानकारी दी गयी.

धान की फसल में रोगों की पहचान और उपचार बताया

कृषि विभाग के पदाधिकारियों ने धान की फसल में होने वाले विभिन्न रोगों के बारे में विस्तार से बताया. किसानों को रोगों की पहचान, बचाव और उपचार की जानकारी दी गयी, ताकि समय रहते फसल को नुकसान से बचाया जा सके.

रासायनिक खाद के विकल्प के रूप में जैविक खाद पर जोर

अधिकारियों ने रासायनिक उर्वरकों के लगातार इस्तेमाल से मिट्टी पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों की जानकारी दी. किसानों को जैविक खाद के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया गया. बताया गया कि जैविक खाद के प्रयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने और फसल की गुणवत्ता में मदद मिल सकती है.

तीन पिट बनाने पर 15 हजार रुपये अनुदान

कृषि समन्वयक पंकज पांडेय ने जैविक खाद तैयार करने के लिए मिलने वाले सरकारी अनुदान की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि किसान अधिकतम तीन पिट बनाकर जैविक खाद तैयार कर सकते हैं. एक पिट के लिए पांच हजार रुपये अनुदान का प्रावधान है, जबकि तीन पिट बनाने पर कुल 15 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा.

पिट का आकार भी बताया गया

किसानों को बताया गया कि जैविक खाद निर्माण के लिए एक पिट की लंबाई 10 फुट, चौड़ाई तीन फुट और गहराई करीब 2.5 फुट निर्धारित है. अधिकारियों ने किसानों से जैविक खाद का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की.

अनुदान के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी

गोष्ठी में बताया गया कि जैविक खाद निर्माण के लिए मिलने वाले अनुदान का लाभ लेने के लिए किसान का पंजीकरण जरूरी है. बिना रजिस्ट्रेशन वाले किसानों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा. इसके लिए बैंक पासबुक, आधार कार्ड और जमीन की रसीद की छायाप्रति उपलब्ध कराने की जानकारी दी गयी.

पपीता, केला और आम की क्लस्टर खेती पर जोर

प्रखंड उद्यान पदाधिकारी ने किसानों को पपीता, केला और आम की खेती के लिए प्रेरित किया. उन्होंने इन फसलों की क्लस्टर खेती करने की सलाह दी और सरकार की ओर से मिलने वाले अनुदान तथा संबंधित योजनाओं की जानकारी किसानों को दी.

बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद

कार्यक्रम में बीटीएम कमलेश सिंह, एटीएम हरिभूषण सिंह और रितेश यादव, किसान सलाहकार राजेश राय, अरविंद सिंह, राजेश सिंह, आतम सिंह समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे.

Also Read : गोपालगंज के तीन वार्डों में नल-जल योजना ठप, बूंद-बूंद पानी को तरसे लोग, जानिए क्या है वजह?

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अजित द्विवेदी

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >