gopalganj news. जिला परिषद अध्यक्ष का चुनाव आज

17 प्वाइंट पर मजिस्ट्रेट व पुलिस बल तैनात, मोबाइल लेकर कलेक्ट्रेट में इंट्री पर लगी रोक, चप्पे- चप्पे पर तैनात होगी पुलिस

गोपालगंज. जिला परिषद अध्यक्ष पद का चुनाव सोमवार को होना है और प्रशासन ने इसके लिए पूरी तैयारियां कर ली हैं. चुनाव में सीवान के एडीएम को पर्यवेक्षक और डीएम पवन कुमार सिन्हा को निर्वाचन पदाधिकारी बनाया गया है. प्रशासन हाइअलर्ट मोड में है और कलेक्ट्रेट को पूरी तरह सील कर दिया गया है.

पूरे जिले में निषेधाज्ञा लागू है. चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर कार्रवाई की जा सकती है. चुनाव में कोई भी अस्त्र-शस्त्र लेकर प्रवेश नहीं कर सकता. कलेक्ट्रेट समेत 17 प्वाइंट पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात किया गया है. चुनाव के दौरान किसी को मोबाइल लेकर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी.

चुनाव प्रक्रिया सुबह 11 बजे से शुरू होकर दोपहर 2.15 बजे तक पूरी होगी. डीएम पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि चुनाव को निष्पक्ष बनाने के लिए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी. चुनाव में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल मुस्तैद रहेगा और चुनाव के बाद किसी को जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी.

कलेक्ट्रेट में सुबह 10 बजे से ही हलचल बढ़ जाएगी और दोपहर तक आम लोगों के प्रवेश पर रोक रहेगी. प्रशासन ने चुनाव सुरक्षा के लिए ऐसी व्यवस्था की है कि परिंदा भी पर नहीं मार सके.

दीपिका सिंह व अंकू राय के बीच सीधी टक्कर के आसार

जिला परिषद अध्यक्ष पद के लिए भाजपा नेता विकास सिंह की पत्नी दीपिका सिंह और राजद की पूर्व विधायक किरण राय के पुत्र, जिला परिषद उपाध्यक्ष अमित कुमार राय उर्फ अंकू राय आमने-सामने हैं.

यह चुनाव अब आमने-सामने का रूप ले चुका है. पार्षदों की गोलबंदी के बाद दोनों पक्ष अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं. अध्यक्ष का ताज किसे मिलेगा, यह तो समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल दोनों खेमों की गतिविधियां शिखर पर हैं और चुनाव को लेकर सरगर्मी चरम पर है. राजनीतिक पंडित भी इस चुनाव पर नजर बनाए हुए हैं और हर कदम पर गिद्ध दृष्टि रखे हुए हैं.

एनडीए के कई नेता ने चुनाव से किया किनारा

सुबह से सोशल मीडिया पर जोरदार मुहिम चली. एनडीए के कई दिग्गज नेताओं ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से स्पष्ट किया कि वे जिला परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव से दूरी बनाए रखेंगे. कहा जा रहा है कि यह चुनाव पूरी तरह दलगत नहीं है और जो उम्मीदवार पार्षदों का समर्थन हासिल करेगा, वही चुनाव में विजयी होगा.

जिप सदस्यों को साधने के लिए दिग्गजों ने झोंकी ताकत

जिला परिषद सदस्यों को साधने के लिए दिग्गज नेता पूरी ताकत झोंक रहे हैं. दोनों दावेदारों के कैंपों में लगातार बैठकों का दौर चल रहा है और समर्थक अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत का दावा कर रहे हैं.

हालांकि जिला परिषद अध्यक्ष का चुनाव औपचारिक रूप से दलगत नहीं हो रहा, लेकिन अध्यक्ष पद को लेकर सभी विधायकों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है. जिले की छह सीटों पर एनडीए का कब्जा है, जिससे दोनों खेमों में चिंता और उत्सुकता बनी हुई है. साथ ही यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि बाहर गए पार्षदों का झुकाव किस तरफ होगा, जिससे चुनाव और भी रोचक बन गया है.

अध्यक्ष के विधायक बनने से रिक्त हुआ था पद

जिला परिषद के अध्यक्ष सुबास सिंह विधानसभा के चुनाव में भाजपा से सदर विधानसभा के चुनाव लड़े. जीत कर विधानसभा पहुंच गये. विधायक बनने के बाद उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से पद रिक्त था और अब चुनाव कराया जा रहा है.

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