Gopalganj News: पंचदेवरी में नवस्थापित डिग्री कॉलेज के स्थायी भवन निर्माण के लिए उपयुक्त स्थान पर जमीन चयन की मांग तेज हो गई है. बुधवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा वर्चुअल माध्यम से कॉलेज का उद्घाटन किए जाने के बाद फिलहाल पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जमुनहा परिसर में कॉलेज का संचालन शुरू हो गया है. अब कॉलेज के स्थायी भवन के निर्माण के लिए करीब पांच एकड़ जमीन की आवश्यकता है.
इसी को लेकर जदयू के प्रखंड अध्यक्ष सह सेमरिया पंचायत के मुखिया अशोक प्रसाद गुप्ता, जदयू के जिला महासचिव एवं पूर्व प्रमुख अनुग्रह नारायण दुबे, समाजसेवी रंजीत तिवारी, बलराम सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों ने नवपदस्थापित अंचलाधिकारी उमा कुमारी से मुलाकात कर छात्रहित और जनहित को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त स्थान पर भूमि चयन कर शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजने की मांग की.
प्रखंड के सभी छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखकर हो जमीन का चयन
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जिस भूमि के चयन की चर्चा हो रही है, वह प्रखंड के एक छोर पर तथा उत्तर प्रदेश की सीमा के समीप स्थित है. ऐसे स्थान पर कॉलेज भवन बनने से प्रखंड के अधिकांश गांवों के छात्र-छात्राओं को आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि कॉलेज का स्थायी भवन ऐसे स्थान पर बनाया जाना चाहिए, जहां प्रखंड की सभी पंचायतों और गांवों से छात्र-छात्राएं आसानी से पहुंच सकें. साथ ही चयनित स्थल सुरक्षा, बेहतर आवागमन और भविष्य में विस्तार की दृष्टि से भी उपयुक्त होना चाहिए.
एनएच-727 बी के किनारे जमीन का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है
अंचल कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार डिग्री कॉलेज के निर्माण के लिए कोइसा पंचायत में एनएच-727 बी के किनारे स्थित भूमि का चयन कर शिक्षा विभाग को पूर्व में ही प्रस्ताव भेजा जा चुका है. विभागीय स्तर पर संबंधित जमीन की जमाबंदी रद्द होने के बाद तत्कालीन अंचलाधिकारी तरुण कुमार रंजन द्वारा यह प्रस्ताव भेजा गया था.
हालांकि अब जनप्रतिनिधियों ने नवपदस्थापित सीओ से पुनः सर्वे कर अधिक उपयुक्त और सभी के लिए सुविधाजनक स्थान पर जमीन का चयन कर नया प्रस्ताव भेजने की मांग की है.
सीओ ने कहा- समीक्षा कर की जाएगी पहल
जनप्रतिनिधियों की मांग पर अंचलाधिकारी उमा कुमारी ने कहा कि डिग्री कॉलेज के लिए पूर्व में चयनित भूमि की समीक्षा की जाएगी. सभी मांगों और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले से वरीय अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा.
उन्होंने कहा कि यदि किसी अन्य स्थान पर विभागीय मानकों के अनुरूप उपयुक्त भूमि उपलब्ध होगी, तो उसकी भी रिपोर्ट तैयार कर वरीय पदाधिकारियों को भेजी जाएगी. विभागीय दिशा-निर्देशों तथा छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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