Gopalganj News: स्थानीय थाना क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय उचकागांव में उस समय अफरा-तफरी मच गयी, जब सुबह स्कूल खुलते ही बच्चों और शिक्षकों का सामना एक विशालकाय गेहूंवन (कोबरा) सांप से हो गया. क्लासरूम के भीतर फन उठाये बैठे जहरीले सांप को देख बच्चे और शिक्षक दहशत में आ गये और शोर मचाते हुए बाहर की तरफ भागे. घटना के तुरंत बाद स्थिति को बिगड़ता देख विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रशांत कुमार सिंह ने सूझबूझ का परिचय दिया. उन्होंने तुरंत आपातकालीन सेवा 112 पर फोन कर मदद मांगी.
112 की टीम द्वारा उन्हें फॉरेस्ट विभाग (वन विभाग) का नंबर दिया गया. प्रधानाध्यापक ने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी, लेकिन घंटों इंतजार करने के बाद भी वन्यजीवों को रेस्क्यू करने वाली टीम मौके पर नहीं पहुंची वन विभाग की टीम के न पहुंचने से स्कूल परिसर में दहशत का माहौल और गहरा गया.
काफी देर इंतजार करने के बाद, विद्यालय पहुंचे स्थानीय ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाला. ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से जमीन पीटकर और शोर मचाकर किसी तरह कोबरा सांप को विद्यालय परिसर से खदेड़कर बाहर भगाया, तब जाकर बच्चों और शिक्षकों ने राहत की सांस ली. स्कूल जैसी संवेदनशील जगह पर जहरीला सांप होने की सूचना के बाद भी वन विभाग की टीम का न पहुंचना लापरवाही की बड़ी मिसाल बन गया है.
इस बात को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते सांप को नहीं भगाया जाता और कोई अनहोनी हो जाती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता सरकारी विभागों की ऐसी संवेदनहीनता बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ है.
