Gopalganj News: नवपदस्थापित अंचलाधिकारी (सीओ) अभिषेक कुमार ने गुरुवार को सिधवलिया अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण कर कार्यालय व्यवस्था का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न शाखाओं में पहुंचकर फाइलों के निष्पादन की समीक्षा की और अधिकारियों व कर्मचारियों को जनहित से जुड़े मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
अंचलाधिकारी ने प्रधान सहायक कार्यालय, अंचल निरीक्षक कार्यालय, लिपिक शाखा सहित अन्य कार्यालयों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने लंबित फाइलों की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक मामलों का शीघ्र निष्पादन करने को कहा. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि राजस्व एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए.
आम लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर करें समाधान
निरीक्षण के दौरान सीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि अंचल कार्यालय में आने वाले आम लोगों की समस्याओं का समाधान निर्धारित समय-सीमा के भीतर होना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि प्रत्येक आवेदन का निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से निस्तारण करें ताकि लोगों को कार्यालय के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें.
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप आमजन को त्वरित और बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराना सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है. इसलिए कार्य संस्कृति में जवाबदेही और पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है.
साफ-सफाई और अनुशासन बनाए रखने का निर्देश
अंचलाधिकारी ने कार्यालय परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव और कार्यालयीन अनुशासन पर भी विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि कार्यालय का वातावरण स्वच्छ और व्यवस्थित रहने से आम लोगों को बेहतर सुविधा मिलती है तथा कर्मचारियों की कार्यक्षमता भी बढ़ती है.
पारदर्शिता के साथ कार्य करने का दिया निर्देश
निरीक्षण के दौरान अंचलाधिकारी ने प्रधान सहायक ओम प्रकाश प्रसाद, अंचल निरीक्षक राजू सिंह, लिपिक कृष्णनाथ मांझी सहित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने-अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ निर्वहन करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी अपने कार्यों के प्रति जवाबदेह रहे और सरकारी नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करे.
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी समय-समय पर कार्यालय का निरीक्षण किया जाएगा और कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी और जनहितकारी बन सके.
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