Ram Naam Lekhan: भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां लोगों के पास समय की कमी रहती है, वहीं बैकुंठपुर प्रखंड के दिघवा दुबौली बाजार निवासी व्यवसायी सूर्यदेव प्रसाद उर्फ ‘व्यापारी जी’ की राम-भक्ति इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है. स्वतंत्रता सेनानी स्व. रंगलाल साह के पुत्र व्यापारी जी पिछले कई वर्षों से प्रतिदिन लाल स्याही वाली कलम से दो हजार से अधिक बार राम नाम लिखते आ रहे हैं.
उनकी इस अनोखी साधना का सिलसिला वर्षों से जारी है. अब तक वे राम नाम लिखे चार बोरा रजिस्टर अयोध्या धाम भेज चुके हैं.
राम नाम लिखने से मिलती है मन को शांति
व्यापारी जी का कहना है कि राम नाम लिखते-लिखते मन को जो शांति मिलती है, वह कहीं और नहीं मिलती. उन्होंने कहा कि वीर हनुमान भी राम नाम की भक्ति से अमर हो गये और यही नाम अब उनके जीवन का आधार बन चुका है.
उनके अनुसार, नियमित रूप से राम नाम लिखना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है. व्यस्तता के बावजूद वह अपनी साधना के लिए समय निकालते हैं.
500 से अधिक कलमों को रखा सुरक्षित
राम नाम लिखने के दौरान इस्तेमाल की गयी 500 से अधिक कलमों को व्यापारी जी ने सुरक्षित रखा है. वह इन कलमों को पूजनीय मानते हैं और उन्हें सामान्य वस्तु की तरह नहीं देखते.
अब उनकी इच्छा है कि इन कलमों को किसी धार्मिक या शैक्षणिक कार्य के लिए दान किया जाए. उनका मानना है कि इन कलमों का उपयोग किसी सकारात्मक और धार्मिक-शैक्षणिक उद्देश्य में होने से उनकी साधना का संदेश दूसरे लोगों तक भी पहुंच सकता है.
भक्ति के साथ दे रहे समर्पण का संदेश
व्यापारी जी की नियमित साधना क्षेत्र के लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. बाजार के लोग उनकी दिनचर्या को देखने और उनके राम नाम लेखन के बारे में जानने के लिए उत्सुक रहते हैं.
व्यापारी जी का मानना है कि सच्ची आस्था के लिए बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती. इसके लिए दृढ़ संकल्प, नियमितता और समर्पण जरूरी है. उनकी यह साधना भागदौड़ भरी जिंदगी में भक्ति और अनुशासन का संदेश दे रही है.
इसे भी पढ़ें: गोपालगंज में एयरपोर्ट का सपना होगा साकार? 517 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटा, अब अगला कदम क्या?
