Gopalganj News: मांझा प्रखंड क्षेत्र की आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाएं पिछले पांच माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण आर्थिक संकट से जूझ रही हैं. नियमित भुगतान नहीं होने से उनके सामने परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है. वहीं, पिछले तीन माह से केंद्रों के लिए चावल का आवंटन भी नहीं मिलने से बच्चों के पोषण कार्यक्रम पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
सेविका-सहायिकाओं ने बताया कि विभाग की ओर से समय पर खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण उन्हें केंद्रों पर आने वाले बच्चों के लिए बाजार से चावल खरीदना पड़ रहा है. इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है. उनका कहना है कि एक ओर पांच माह से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, वहीं दूसरी ओर सरकारी खाद्यान्न की आपूर्ति भी बंद है. ऐसी स्थिति में केंद्रों का सुचारु संचालन करना कठिन हो गया है.
अन्नप्राशन और गोद भराई कार्यक्रम भी प्रभावित
आंगनबाड़ी कर्मियों ने बताया कि करीब एक वर्ष से अन्नप्राशन एवं गोद भराई कार्यक्रम की राशि का भी भुगतान नहीं किया गया है. इसके कारण इन कार्यक्रमों के आयोजन में भी परेशानी हो रही है. कई जगह सेविकाएं अपनी जेब से खर्च कर कार्यक्रम संचालित करने को मजबूर हैं.
बढ़ती महंगाई में परिवार चलाना हुआ मुश्किल
सेविका-सहायिकाओं का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच बिना मानदेय के घर का खर्च चलाना बेहद कठिन हो गया है. कई कर्मियों के सामने बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो गया है. उन्होंने सरकार और विभाग से लंबित मानदेय एवं अन्य मदों की राशि का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की है.
आवंटन मिलते ही होगा भुगतान : सीडीपीओ
इस संबंध में पूछे जाने पर सीडीपीओ संगीता कुमारी ने बताया कि विभाग की ओर से अभी तक आवश्यक आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है. आवंटन नहीं मिलने के कारण मानदेय, गोद भराई, अन्नप्राशन सहित अन्य मदों की राशि का भुगतान लंबित है.
उन्होंने कहा कि जैसे ही विभाग से राशि उपलब्ध होगी, सभी सेविका-सहायिकाओं के लंबित भुगतान का निपटारा कर दिया जाएगा. साथ ही चावल का आवंटन प्राप्त होते ही सभी केंद्रों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा.
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