आग लगने पर कुआं खोदता है िवभाग

उपेक्षा . दमकल की चार गाड़ियों को चलाने के लिए महज दो ड्राइवरमार्च की शुरुआत होते ही अग्निदेव अपने प्रचंड रूप में आने लगे हैं. आग में जल कर पतहरा में एक बुजुर्ग की मौत हो चुकी है, जबकि एक दर्जन से अधिक घर जल चुके हैं. मौसम विभाग ने इस बार रिकॉर्ड तोड़ गरमी […]

उपेक्षा . दमकल की चार गाड़ियों को चलाने के लिए महज दो ड्राइवर
मार्च की शुरुआत होते ही अग्निदेव अपने प्रचंड रूप में आने लगे हैं. आग में जल कर पतहरा में एक बुजुर्ग की मौत हो चुकी है, जबकि एक दर्जन से अधिक घर जल चुके हैं. मौसम विभाग ने इस बार रिकॉर्ड तोड़ गरमी पड़ने की आशंका जतायी है.

गोपालगंज : आप गांव में आग लगने पर कुआं खोदने की कहावत सुने होंगे. यहां दमकल विभाग भी आग लगने पर कुआं खोदता है. दमकल विभाग के पास अपना पानी का प्वाइंट नहीं है. इसके लिए गांव में पंप सेट या तालाब का भरोसा रहता है. शहर में आग लगने पर पीएचइडी की पानी टंकी से काम चलता है. गांव में आग लगने पर दमकल वाहन अगर पहुंच गया, तो पंप सेट चालू करने और पानी भरने में ही घर जल कर खाक हो जाता है. दमकल विभाग आग बुझाने में खुद लाचार है. गोपालगंज के बिस्कोमान भवन में अग्निशामक केंद्र बनाया गया है. यहां तीन बड़े और एक छोटा दमकल वाहन हैं. चार वाहनों को चलाने के लिए महज दो चालक हैं. एक चालक विभाग का है

और दूसरा होमगार्ड का जवान है. अगर दो चालक हो तो चारों वाहन आग बुझाने के लिए काफी सहयोगी साबित हो सकते हैं. दोनों वाहन कहीं आग बूझ रही हो और तीसरे जगह आग लग गयी, तो खाक में मिलना तय है.
जवानों की कमी से जूझ रहा विभाग : आग बुझाने के लिए एक्सपर्ट जवानों की जरूरत है, जो अग्निशमक केंद्र के पास नहीं है. विभाग के पास 19 जवानों के बदले महज सात जवान तथा दो हवलदार की जगह एक भी हवलदार नहीं है. एक्सपर्ट के नहीं रहने से दहकती आग पर काबू पाना भी मुश्किल होता है.
प्रखंड स्तर पर दमकल की जरूरत : अग्निकांड की घटना जिस प्रकार से हो रही है, उससे प्रत्येक प्रखंड में कम-से-कम एक दमकल गाड़ी की जरूरत है. आबादी और घरों की संख्या को देखते हुए बैकुंठपुर के विधायक मिथिलेश तिवारी ने सरकार से मांग की है कि प्रत्येक प्रखंड में दमकल वाहन उपलब्ध कराया जाये और इस विभाग को अपडेट किया जाये.
एक नजर में दमकल
गोपालगंज 4 बड़ा वाहन
बैकुंठपुर 1 छोटा वाहन
महम्मदपुर 1 छोटा वाहन
भोरे 1 छोटा वाहन
हथुआ 2 बड़ा वाहन
आग लगने पर इन्हें दें सूचना
हेल्प लाइन नंबर 9771120728
डीएम 9473191278
एसडीओ 9473191280
एसडीओ, हथुआ 9473191281
आग से बचने के लिए रहना होगा अलर्ट
शहर की संकरी गली और सड़कों पर दमकल का वाहन पहुंचना मुश्किल है. ऐसे में आग से बचने के लिए खुद भी अलर्ट रहना होगा. शहर की दुकानों में गैसी फायर (अग्निशमन यंत्र) रखना जरूरी है. घरों की वायरिंग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.
क्या कहते हैं अधिकारी

विभाग के पास संसाधनों की कमी है. जवानों की कमी है. ऐसी स्थिति में आम लोगों से बचाव के प्रति विशेष ध्यान रखने की अपील की जा रही है. कहीं भी आग लगने पर तत्काल सूचना दें. हमारी टीम पहुंच कर सहयोग करेगी.
अनिल तिवारी, अग्निशमन पदाधिकारी
गांव में पंप सेट को चालू हालत में रखे, घरों के आसपास पंप सेट को दुरुस्त कर लें.
पछुआ हवा बहने के पूर्व ही खाना बना लें. खाना बनाते समय पर्याप्त पानी रखें.
सुबह नौ बजे के पहले और शाम छह बजे के बाद खाना बनाया जाये.
खर-पतवार के घर में गोबर और मिट्टी का लेप लगाया जाये.
रसोई घर के प्रांगण में गोबर और मिट्टी से लेप किया जाये.
चूल्हा जलाने में खर-पतवार या सूखे पत्ता का उपयोग न करें.
रसोई घर में बच्चों का प्रवेश वर्जित किया जाये.
वयस्क ही खाना बनाये, चूल्हा एवं गोयठे की राख को पूर्ण रूप से बुझा लें.
साफ-सफाई के लिए कूड़े के ढेर में आग न लगाएं.
कूड़े को गड्डे में डाल कर मिट्टी से भर दिया जाये.

खलिहान में अगरबत्ती न जलाएं, पूजा-पाठ के दौरान पानी पर्याप्त रखें.
खलिहान से दूर फसल और ट्रैक्टर तथा थ्रेसर को रखा जाये तथा 200 लीटर पानी रखा जाये.
खेत-खलिहान या घर में बीड़ी-सिगरेट पीकर घर में फेकें.
पछुआ हवा के कारण पोल पर गुजरनेवाले तार की टकराहट होने पर आग लगती है.
फुस की झोंपड़ी और छत पर शीशा न फेंका जाये. इससे सूर्य के प्रकाश से आग लगने की आशंका रहती है.
शादी-विवाह और जश्न में खेत-खलिहान से दूर आतिशबाजी करें.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >