आंदोलन. शरीर और चेहरे पर सूजन, सीएस ने की जांच
कालामटिहनिया : कुचायकोट प्रखंड के कालामटिहनिया में गंडक दियारा संघर्ष समिति के जल समाधि सत्याग्रह आंदोलन में शामिल चार सत्याग्रहियों के पैर सड़ गये हैं. जबकि शरीर और चेहरे पर भी सूजन आने लगी है.
सिविल सर्जन डॉ मधेश्वर प्रसाद शर्मा, कुचायकोट के डॉ बीके सिंह आदि ने शनिवार को इलाज शुरू किया. जल सत्याग्रह आंदोलन में संयोजक अनिल मांझी, असगर राज बल्लम कुशवाहा की हालत बिगड़ने की सूचना पर बैकुंठपुर के विधायक मिथिलेश तिवारी शनिवार को मौके पर पहुंचे. उन्होंने सत्याग्रहियों की स्थिति की जानकारी ली तथा बाढ़ नियंत्रण विभाग के प्रधान सचिव एवं डीएम से अलग-अलग बात की. विधायक ने कहा कि रविवार तक अगर सत्याग्रह आंदोलन समाप्त करने की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई तो विधानसभा में सोमवार को मामले को उठायेंगे. विधायक के साथ भाजपा नेता मार्कंडेय राय शर्मा, रवि प्रकाश मणि त्रिपाठी, रामाज्ञा यादव, विद्या पांडेय आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे.
इससे पूर्व आप के संयोजक सोनू राज, पृथ्वी राय, शैलेंद्र सिंह, राजन सिंह एवं जिला पार्षद विजय प्रताप सिंह आदि पूरे दिन सत्याग्रहियों के साथ धरने पर बैठे रहे. रविवार तक पहल नहीं की गयी, तो चक्का जाम आंदोलन की चेतावनी मौजूद लोगों ने दी. शनिवार को 16वें दिन भी जल सत्याग्रह आंदोलन जारी था. इसमें समन्वयक राजद नेता अरुण सिंह, राजेश देहाती, रौशन साह, मिथिलेश राय, कृष्णा यादव, अवधेश सिंह, सदस्य अजय कुशवाहा, मुमताज अली, सचिन स्नेही, नंद किशोर, बिट्टू, कलावती देवी, गीता देवी, मंसुरिया देवी, सरली देवी, ज्ञांति देवी, पूनम देवी, रामावती देवी, नाजिर अली, दिनेश शर्मा, विजय मांझी, जगरनाथ सिंह, मुन्ना पंडित, उमेश यादव, भीम यादव, प्रदीप मांझी, रवि कुमार, राजेश, छट्ठु , सुनील, गुड्डू, अर्जुन, रामनारायण की भूमिका प्रमुख है.
