शहीदों के सम्मान में भोरे में हुआ कार्यक्रम
सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों सहित शहीदों के परिजनों ने लिया हिस्सा
भोरे : हमें फक्र है कि हमारी वो पीढ़ी है, जिसने लड़ाई के दौरान पाकिस्तान के दो टुकड़े किये थे. हमारे सैनिकों ने बंग्लादेश की राजधानी ढाका में तिरंगा फहराया था. अब भी अगर पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों को बंद नहीं किया, तो हमारे देश की युवा पीढ़ी उसके चार टुकड़े कर देंगे. उक्त बातें मंच से गरजते हुए रक्षा विशेषज्ञ व पूर्व मेजर जनरल जीडी बख्शी ने कही. मौका था शहीदों और सैनिकों के सम्मान में आयोजित ”जरा याद करो कुर्बानी” का. मंच से बोलते हुए जीडी बख्शी ने कहा कि चीन 51 मिलियन डॉलर खर्च कर पाकिस्तान में सड़क बनवाया. चीन ने तर्क दिया कि ये वो सड़क व्यवसाय के लिए बनवाया है,
जिसका उपयोग युद्ध के लिए नहीं होगा. पूरी दुनिया जानती है कि भारत एक नहीं दो दुश्मन है. उन्होंने आगे बिना किसी का नाम लिये कहा कि हमारे देश के अंदर रहने वाले वो दुश्मन है, जो आज कश्मीर में सेना पर पत्थर मारने वालों का समर्थन करते हैं. वे कहते हैं कि कश्मीर के युवा आजादी चाहते हैं. लेकिन हम उन्हें बता देना चाहते हैं कि कश्मीर की रक्षा अब तक 40 हजार से अधिक जवानों को खोया है. आने वाले दस हजार सालों में भी कश्मीर पर भारत का परचम लहराता रहेगा. उन्होंने चीन को चेतावनी देते हुए कहा कि दुनिया में सबसे अधिक आबादी है, लेकिन उन आबादी में बूढ़ों की संख्या ज्यादा है. जबकि भारत युवाओं का देश है. भारत के युवा चाहे तो पूरी दुनिया को जीत सकते है. बिहार ही वो जगह है, जिसने देश को पहली बार एकता के सूत्र में बांधा था.
वहीं मंच पर मौजूद 1971 की जंग लड़ चुके वीर चक्र विजेता कर्नल तेजेंद्र पाल ने कहा कि भारत का बरबाद करने का सपना देखने वाले भ्रम में है. जब भारत संसाधन के अभाव में 1971 की जंग में पाकिस्तान के 90 हजार सैनिकों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था, तो आज संसाधनों से भरा युवा भारत हर समस्याओं से लड़ने को तैयार है. चीन असम में उल्फा की मदद कर रहा तो पाकिस्तान कश्मीर में अलगाववादियों की. दोनों देश चाहे कितना भी मदद कर लें, लेकिन उनका मनसूबा पूरा नहीं होगा. उन्होंने जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के बयान की भर्त्सना करते हुए कहा कि जिस थाली में खाते हो उसी में छेद करते हो. कश्मीर भारत का था, भारत का है और भारत का ही रहेगा. वहीं बिहार सीआईडी के डीआईजी डॉ. विनोद चौधरी ने कहा कि देश के लिए हमें जातिवाद, संप्रदायवाद से उपर उठना होगा. हम किसी जाति धर्म के नहीं है, बल्कि हम सिर्फ भारतीय है. वहीं सैनिक स्कूल गोपालगंज के प्रिंसिपल कर्नल एसके सिंह ने कहा कि देश के वर्तमान स्थिंति को देखते हुए सिर्फ डॉक्टर व इंजीनियर ही नहीं बनाये, बल्कि सेना में भेजे. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कारगिल में शहीद हुए परमवीर चक्र विजेता विक्रम बत्रा के पिता जीएल बत्रा ने की. वहीं मंच का संचालन कैप्टन विजेंद्र पांडेय ने की. मौके पर गोपालगंज के डीडीसी दयानंद मिश्र, सैनिक स्कूल उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल इंद्रजीत सिंह, भोरे बीडीओ सोनू कुमार, कुचायकोट बीडीओ दृष्टि पाठक सहित शहीदों के परिजन मौजूद थे.
