फोर लेन सड़क पर फूल और लाइट के बीच होगा सफर
गोपालगंज : दुर्घटनाओं का प्राय बन चुके एनएच-28 पर सफर अब सुहाना होगा. निर्माण कंपनी द्वारा कराये जा रहे तेज गति से काम को देखते हुए सुहाने सफर की उम्मीद जग गयी है. ऐसे में न सिर्फ सफर आसान होगा बल्कि दुर्घटनाओं में भी कमी आयेगी. गौरतलब है कि इस्ट वेस्ट कोरीडोर योजना के तहत […]
गोपालगंज : दुर्घटनाओं का प्राय बन चुके एनएच-28 पर सफर अब सुहाना होगा. निर्माण कंपनी द्वारा कराये जा रहे तेज गति से काम को देखते हुए सुहाने सफर की उम्मीद जग गयी है. ऐसे में न सिर्फ सफर आसान होगा बल्कि दुर्घटनाओं में भी कमी आयेगी. गौरतलब है कि इस्ट वेस्ट कोरीडोर योजना के तहत वर्ष 2007 में एनएच-28 के फोर लेन निर्माण का कार्य शुरू हुआ. निर्माण कंपनी पीसीएल वर्ष 2011 में महज 27 प्रतिशत काम करा कर फरार हो गयी. पुन: अधूरे कार्य कराने की शुरुआत जुलाई 2015 में पूंज लॉयड कंपनी ने शुरू किया.
टारगेट के मुताबिक जुलाई 2017 में काम पूरा कर देना है. औसतन आधा किमी सड़क का निर्माण प्रतिदिन कराया जा रहा है. काम को देखा जाये तो महज 20 फीसदी काम बाकी लग गया है. जिसे ससमय पूरा होने की उम्मीद है. ऐसे में दुर्घटनाओं की प्रया बन चुकी सड़क पर आसान सफर की उम्मीद जग गयी है.
डिवाइडर में लगेंगे फूल और लाइट : इस्ट वेस्ट कोरिडोर योजना के अंतर्गत बन रहा सड़क न सिर्फ चिकना होगा बल्कि फूल और पौधों की प्रकृति छटा भी सफर करने वाले देखेंगे. इतना ही नहीं प्रत्येक सर्विस रोड, फ्लाइ ओवर, चौराहा और भीड़ भरे इलाके में रोशनी की भी पर्याप्त व्यवस्था होगी. प्लांटेशन का काम बरसात में जहां होना है वहीं लाइट लगाने का काम कई जगहों पर शुरू कर दिया गया है.
एक नजर में एनएच – 28
निर्माण कार्य का क्षेत्र – 40 किमी
निर्माण कार्य- फोर लेन
योजना का नाम – इस्ट वेस्ट कोरिडोर योजना
योजना पूरा करने का लक्ष्य जुलाई 2017
निर्माण कार्य का क्षेत्र – 40 किमी
निर्माण कार्य- फोर लेन
योजना का नाम – इस्ट वेस्ट कोरिडोर योजना
योजना पूरा करने का लक्ष्य जुलाई 2017
जुलाई माह में पूरा होना है एनएच928 का फोर लेन कार्य
2007 से इस्ट वेस्ट कोरिडोर योजना का हो रहा निर्माण
तेज गति से हो रहे काम को देख लोगों की बढ़ी उम्मीदें
दुर्घटनाओं का प्रयाय बन चुकी है एनएच-28
क्या कहते हैं अधिकारी
एनएच-28 का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है. कुचायकोट में काम कराने के लिए रेलवे से अनुमति अभी नहीं मिल पाया है. जल्द ही मिल जायेगा. और ससमय योजना पूरा होगा.
मनोज कुमार पांडेय, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआइ