नगरपालिका चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज होने लगी है. संभावित उम्मीदवारों के पोस्टर और बैनर दीवारों की शोभा बढ़ा रहे हैं. चुनावी दावे और प्रति दावे शुरू हो गये हैं. इस बीच कुछ ऐसी अनसुलझी समस्याएं आज भी सुरसा की तरह मुंह बाये खड़ी हैं. चुनाव जब आते हैं, तो छोटी समस्या को मुद्दा बनाया जाता है. प्रत्याशी भी मुद्दों की तलाश में जुटे हैं. पिछले वार्ड पार्षदों की कमियों को ढूंढ़ा जा रहा है. इस चुनाव में उसे मुद्दा बनाया जायेगा.
हर तरफ चुनावी बिसात बिछने लगी है. ऐसे ही अनसुलझे सवालों के जवाब प्रभात खबर अपनी नयी शृंखला ‘जिम्मेवार कौन है’ कॉलम की शुरुआत की है.
दो दशकों से जर्जर है यह रोड
इस तसवीर को गौर से देखें. यह तसवीर जादोपुर रोड से राजवाही काॅलोनी होकर भितभेरवा रोड को जोड़ती है. पिछले दो दशक से सड़क जर्जर है. सड़क पर नाली का पानी बह रहा है. बरसात में तो यहां नरक जैसी स्थिति रहती है. नगर पर्षद को यहां सड़क और नाली का निर्माण कराना था. पिछले कई चुनावों से यह सड़क यहां वोटरों को लुभाने के लिए मुद्दा बनती रही है.
चुनाव के वक्त सिर्फ यह सड़क लोगों को याद आती है. इस सड़क से भितभेरवा जुड़ता है. प्रतिदिन हजारों वाहन इस सड़क से गुजरते हैं. सड़क नहीं होने के कारण सालों भर पानी जमा रहता है.
खुशबू कुमारी
यह सड़क दो दशक से उपेक्षित है. बिना पैसे का नगर पर्षद में कोई नहीं सुनता है. हम टैक्स जरूर देते हैं, लेकिन सुविधाएं गांव जैसी भी नहीं हैं. सड़क पर पानी की दुर्गंध से बीमारियां फैल रही हैं.
अंकित कुमार युवा
मैं इस सड़क और नाले के निर्माण के लिए पिछले पांच वर्षों से लगातार प्रयास करता रहा. शहरी विकास विभाग को कई बार पत्र भेजा गया. बोर्ड की बैठक में उठाया गया. फिर भी सड़क और नाला बनाने की मंजूरी नहीं मिली.
रिपुसुदन पांडेय, वार्ड पार्षद
नप में पहले क्या हुआ है नहीं पता. पिछले सप्ताह मुझे प्रभार मिला है. मैं सड़क को ठीक कराने का प्रयास करूंगा.
ज्योति कुमार श्रीवास्तव, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पर्षद
