शहर भी मेगा सिटी के रूप में दिखेगा. शहर के बस स्टैंड को हाइटेक बनाया जायेगा. इसके लिए नगर पर्षद की तरफ से होमवर्क पूरा कर लिया गया है. विभाग से मंजूरी मिलने का इंतजार है.
गोपालगंज : अब मेगा सिटी की तरह गोपालगंज का भी बस स्टैंड बनेगा. आनेवाले समय में यहां से यात्रा करना आसान होगा. लोगों की परेशानी को देखते हुए नगर पर्षद ने व्यापक तैयारी की है.
दरअसल नगर पर्षद को सबसे अधिक आय देनेवाला बस स्टैंड अब तक उपेक्षित रहा है. प्रति वर्ष एक करोड़ का राजस्व बस अड्डे से प्राप्त होता है. यात्रियों के लिए विश्रामालय और दुकान खोलने के लिए मल्टीप्लेक्स बिल्डिंग बनायी जायेगी. यूं कहा जाये, तो राजेंद्र बस स्टैंड आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा. बस आपको थोड़ा-सा इंतजार करना होगा.
इसके लिए नगर पर्षद ने डीपीआर तैयार कर मंजूरी के लिए विभाग को भेज दिया है. बस स्टैंड को आधुनिक रूप देने में चार करोड़ की लागत आयेगी. उम्मीद है कि इसी वर्ष जून तक काम शुरू हो जायेगा. जिला मुख्यालय का राजेंद्र बस स्टैंड वर्तमान में असुविधाओं का दंश झेल रहा है. यहां सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है. बारिश होते ही स्टैंड परिसर कीचड़ और जलजमाव में तब्दील हो जाता है. यात्रियों के ठहरने के लिए जगह नहीं है.
पानी, शौचालय और लाइट की व्यवस्था भी नदारद है. बस स्टैंड को अत्याधुनिक रूप देने के लिए नगर पर्षद ने इस बार ठोस कदम उठाया है. ऐसे में स्टैंड का न सिर्फ कायाकल्प होने की उम्मीद है, बल्कि अत्याधुनिक बस स्टैंड का सपना भी साकार होने की उम्मीदें जग गयी हैं.
शहर के बाहर बनाना था स्टैंड : बस अड्डे को शहर से बाहर बनाने का निर्देश सरकार ने दिया था. इसके लिए बंजारी में कम-से-कम पांच एकड़ जमीन अधिगृहीत करनी थी. भूमि का अधिग्रहण डीएम के स्तर पर होना है. जमीन का अधिग्रहण नहीं होने के कारण स्टैंड नहीं बनाया जा सका. कई बार इसके लिए प्रस्ताव भी बढ़ा, लेकिन ठोस परिणाम नहीं निकल सका. अंत में नगर पर्षद ने राजेंद्र नगर बस अड्डे को ही विकसित करने का निर्णय लेकर डीपीआर तैयार कर मंजूरी के लिए भेज दिया.
