बंध्याकरण के बाद मरीजों को नहीं दी गयी थीं दवा व अन्य सुविधाएं
भोरे : भोरे रेफरल अस्पताल की कुव्यवस्था पर गुरुवार को मरीजों का गुस्सा फूट पड़ा. मरीजों ने रेफरल अस्पताल परिसर में जम कर हंगामा किया. इस दौरान मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध नारेबाजी की. बाद में अस्पताल पहुंचे कोरेयां के मुखिया के आश्वासन के बाद मरीज शांत हुए. बताया जाता है कि बुधवार को भोरे रेफरल अस्पताल में 15 महिलाओं का बंध्याकरण किया गया था. गुरुवार की सुबह उन्हें अस्पताल की आेर से दवा, नाश्ता एवं खिचड़ी की सुविधा नहीं दी गयी. महिलाओं ने
अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध हंगामा शुरू कर दिया. भागमनी देवी, लछीचक की सुनीता देवी, अनीता देवी, छठियांव की प्रमिला देवी, विशुनपुरा की शांति देवी आदि ने बताया कि ऑपरेशन से पूर्व अस्पताल में खून जांच करायी गयी. इसके एवज में 50 रुपये वसूले गये. मुखिया सुनील कुमार राय ने इसकी शिकायल स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों करने की बात कही, तब कहीं जा कर महिलाएं शांत हुई.
