थावे टू मशरक Â परिचालन शुरू होते ही चल पड़ेगा पांच सौ लोगों का रोजगार, जीएम के दौरे के बाद रोजगार की जगी उम्मीद
गोपालगंज : थावे टू मशरक रेल खंड पर ट्रेनों के परिचालन शुरू होने के साथ ही रोजी-रोटी की गाड़ी भी दौड़ने लगेगी. पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के जीएम के दौरा और मार्च के अंत तक ट्रेनों के परिचालन शुरू होने के आश्वासन के बाद रोजगार करनेवाले की उम्मीदें भी जग गयी हैं और ये सपने सजाने लगे हैं. थावे स्टेशन से मशरक के बीच छोटे-बड़े 10 स्टेशन हैं. प्रत्येक स्टेशन पर 20-25 चाय, पान एवं नाश्ते की दुकान पहले चलती थीं. वहीं, प्रत्येक स्टेशन पर 15-20 लोग रिक्शा,
टमटम, ऑटो और जीप चला कर अपनी रोजी-रोटी चलाते थे. आमान परिवर्तन का कार्य शुरू होते ही इन लोगों का रोजगार बंद हो गया. मार्च के अंत तक ट्रेनों के परिचालन की संभावना है. ऐसे में बंद पड़े रोजगार को लेकर लोगों की एक उम्मीदें भी जगने लगी हैं. वीरान पड़े स्टेशनों पर ट्रेनों के परिचालन के साथ ही न सिर्फ लोगों के आगमन से भीड़ होगी, बल्कि इन दुकानदारों की रोजी-रोटी भी दौड़ने लगेगी. ट्रेन चलने से पांच सौ से अधिक लोग सीधे अपने पूर्व के व्यवसाय से जुड़ कर अपनी जिंदगी संवारेंगे.
22 माह से बंद है रोजगार : थावे और मशरक के बीच पड़नेवाले 10 स्टेशनों पर पांच सौ से अधिक लोग अपनी रोजी-रोटी चला कर परिवार का भरण-पोषण करते थे. आमान परिवर्तन को लेकर 22 माह से इनका रोजगार बंद पड़ा है और स्टेशनों पर वीरानगी है. कई ऐसे हैं जो रोजगार बंद होने से भुखमरी के कगार पर हैं. सलेमपुर के मनोज कुमार ने बताया कि उसकी पुश्तैनी दुकान रतनसराय स्टेशन पर थी. दुकान बंद होने से न सिर्फ वे लोग बेरोजगार हैं, बल्कि उनके सामने भुखमरी की समस्या है. अब ट्रेनों के परिचालन होने की उम्मीद जगी है. ऐसे में उनका रोजगार भी चल पड़ेगा. फिलहाल यह उम्मीद पांच सौ लोगों में हिलोरे मार रही है कि बंद पड़े ये स्टेशन कब गुलजार होंगे.
एक नजर में स्टेशन और मिलने वाले रोजगार
स्टेशनों की संख्या – 10
दुकानदारी के व्यवसाय – 300
वाहनों से कमाई करने वालों की संख्या – 200
