मद्य निषेध . नशामुक्ति के पक्ष में गोपालगंज जिले में बनी 353 किलोमीटर लंबी मानव शृंखला
गोपालगंज : मानव शृंखला का निर्माण जिले में पूर्ण शराबबंदी की सफलता के लिए 353 किलोमीटर मानव शृंखला बनायी गयी. लोगों ने हाथों में हाथ लेकर पूर्ण शराबबंदी का संकल्प लिया. इस कार्यक्रम में बच्चे, बुुजुर्ग एवं महिलाओं की सहभागिता रही. नशामुक्ति के समर्थन में गोपालगंज ने भी इतिहास रचा है. 11 बजते ही स्कूली बच्चे, शिक्षक अभिभावक, विभिन्न दलों के नेता, सरकारी कर्मी, सामाजिक संगठन से जुड़ी महिलाएं सड़कों पर निकल गयीं. इस दौरान सभी ‘छोड़ो दारू जोड़ो हाथ, तभी होगा घर-घर में विकास’ का नारा लगा रहे थे. 11:50 बजते ही सड़कों पर मानव शृंखला बन कर तैयार हो गयी.
गोपालगंज जिले की आठ लाख 58 हजार की आबादी इसका गवाह बनी. सूबे के कला संस्कृति एवं युवा मामले के मंत्री सह गोपालगंज के प्रभारी मंत्री शिवचंद्र राम ने भी अपनी भागीदारी निभायी. इनके साथ सांसद जनक राम, विधान पार्षद आदित्य नारायण पांडेय, डीएम राहुल कुमार, एसपी रविरंजन कुमार, पूर्व विधायक रेयाजुल हक राजू आदि थे.
मानव शृंखला 12:15 बजे से से एक बजे तक बनी रही. एनएच 28 पर उत्तर प्रदेश की सीमा बथना कुटी से मानव शृंखला की शुरुआत की गयी, जो गोपालगंज से होती हुई डुमरिया घाट पुल तक गयी. वहां से मानव शृंखला को पूर्वी चंपारण जिले से जोड़ दिया गया. वहीं, एनएच 85 पर बंजारी मोड़ से होकर हथुआ प्रखंड के छाप मोड़ तक मानव शृंखला बनायी गयी, जहां से सीवान जिले को जोड़ा गया. वहीं, महम्मदपुर से एनएच 101 एवं एसएच 90 होते हुए सारण जिले को जोड़ा गया, जबकि एनएच 85 मीरगंज से बड़का गांव भोरे होते हुए विजयीपुर के रास्ते उत्तर प्रदेश के देवरिया को भी जोड़ा गया.
गोपालगंज जिले में बनायी गयी मानव शृंखला से पांच जिलों को जोड़ा गया. इसके माध्यम से सब रूट बना कर सभी प्रखंड मुख्यालयों को भी जोड़ा गया. डॉक्टरों की टीम भी एंबुलेस के साथ तैनात थी. पीने के पानी की भी व्यवस्था की गयी थी. डीएम राहुल कुमार एवं एसपी रविरंजन कुमार पूरे शहर में भ्रमण करते रहे.
गोपालगंज जिले की आठ लाख 58 हजार की आबादी इसकी गवाह बनी
मंत्री ने किया पौधारोपण : मानव शृंखला से पूर्व जिले के प्रभारी मंत्री शिवचंद्र राम, सांसद, विधान पार्षद, डीएम व एसपी ने संयुक्त रूप से समाहर्ता आवास के परिसर में पौधारोपण किया. मंत्री के नेतृत्व में मानव शृंखला बनायी गयी. बैलून उड़ा कर मानव शृंखला को विस्तृत रूप दिया गया.
सुरक्षा की रही चाक-चौबंद व्यवस्था : मानव शृंखला निर्माण को लेकर चाक-चौबंद व्यवस्था थी. शहर की सड़कों से लेकर ग्रामीण इलाकों के चौक-चौराहों तक पुलिस व प्रशासन की अधिकारी तैनात थे. प्रत्येक 200 मीटर पर समन्वयक, एक किलोमीटर पर सेक्टर पदाधिकारी, तीन किलोमीटर जोनल पदाधिकारी, छह किलोमीटर पर सुपर जोनल पदाधिकारी तैनात किये गये थे.
स्वास्थ्य विभाग की टीम थी सजग : स्वास्थ्य विभाग की टीम सिविल सर्जन डॉ मधेश्वर प्रसाद शर्मा के नेतृत्व में तैनाती थी. वहीं, अस्पताल के डॉक्टर व अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी तैनात थे. डॉ पीसी प्रभात के साथ डॉ शशिरंजन प्रसाद , डॉ सुधांशु शेखर मिश्रा, डॉ एसके गुप्ता, डॉ संजय सिंह, डॉ एके चौधरी, डॉ पीसी सिन्हा, डॉ आरके सिंह, डॉ कैप्टन एसके झा, डॉ अमर कुमार, डॉ कैशर जावेद, एसीएमओ, डीपीएम अरविंद कुमार मौजूद थे. साथ ही जग्रनाथ सेवा संस्थान की टीम डॉ ओपी तिवारी के निर्देशन में एंबुलेंस के साथ तैनात थी. इसमें फिरोज आलम, नवल यादव, संजय तिवारी, संध्या देवी, सरोज देवी, सरस्वती देवी इत्यादि ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया.
अधिकारियों ने संभाली थी कमान : मानव शृंखला की सफलता को लेकर पूरे जिले में लगभग छह सौ से अधिक अधिकारियों को लगाया गया था. सभी अधिकारी जिला प्रशासन से मिले दायित्वों का निर्वहन जिम्मेवारीपूर्वक कर रहे थे.
कंट्रोल रूम में रहा सन्नाटा : मानव शृंखला निर्माण के दौरान पल-पल की स्थिति पर नजर रखे जाने को लेकर जिलास्तरीय नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गयी थी. डीएम के निर्देश पर द्वारा बनाये गये नियंत्रण कक्ष में मानव शृंखला के दौरान 21 जनवरी की 11:35 बजे हीं सन्नाटा छाया रहा. कंट्रोल रूम में प्रतिनियुक्त सभी अधिकारी व कर्मी नदारद थे. इस दौरान नियंत्रण कक्ष में सूचना दर्ज करने तक की व्यवस्था नहीं थी.
ग्रामीण इलाकों में भी रहा उत्साह : मानव शृंखला का उत्साह ग्रामीण इलाकों में भी देखा गया. सदर प्रखंड की जागिरी टोला पंचायत में मुखिया सोनी देवी के नेतृत्व में आवास सहायक ललन प्रसाद, वार्ड सदस्य ईश्वर साह, वीरेंद्र साह, शिया बिहारी राम, पंच शिवजी तिवारी के अलावा आंगनबाड़ी सेविका गीता देवी, प्रेरक नवीन कुमार सिंह, बीडीसी अंजुम आरा, रंजन प्रसाद सिंह, जावेद आलम, रमेश सिंह, सुवींद्र सिंह सहित हजारों लोगों ने हिस्सा लिया. कुचायकोट प्रखंड के हाइस्कूल, बलिवन सागर के हेडमास्टर रामदेव प्रसाद, मध्य विद्यालय के हेडमास्टर प्रहलाद राम, को-ऑर्डिनेटर सिकंदर यादव, विंदवलिया के हंसराज कुमार,
बलिवन सागर की मुखिया मंजु देेवी, पूर्व मुुखिया शशिकांत शुक्ल, मटिहनिया तिवारी की मुखिया सुरस्वती देवी, काला मटिहनिया की सायरा खातून, असगर अली, दुर्ग मटिहनिया के पूर्व मुखिया लव नारायण सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण, छात्र-छात्राएं, पंचायत प्रतिनिधि एवं विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया.
राजनीतिक दलों का भी समर्थन : मानव शृंखला में कई राजनीतिक दलों का भी सहयोग रहा. मुख्य रूप से जदयू, राजद, भाजपा के अलावा लोजपा के कार्यकर्ताओं ने भी भागीदारी निभायी, जबकि कुचायकोट प्रखंड मुख्यालय में लोजपा के जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह, प्रखंड अध्यक्ष सुधांशु मिश्र के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं ने शराबबंदी का संकल्प लिया.
