गोपालगंज/हथुआ : अनुमंडल मुख्यालय स्थित अनुमंडलीय अस्पताल में छह माह से एंबुलेंस सेवा ठप है. मरीजों को अस्पताल में इलाज कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अब तक कई मरीज एंबुलेंस नहीं होने से अस्पताल में ही दम तोड़ चुके हैं. आठ अगस्त को एक व्यवसायी की हत्या से नाराज लोगाें ने अस्पताल में जम कर तोड़फोड़ की थी. मौके पर अस्पताल में खड़े दो एंबुलेंस को गुस्साये लोगों ने तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया था.
तब से अस्पताल की एंबुलेंस सेवा ठप है. इमरजेंसी सेवा के लिए अस्पताल में एंबुलेंस व्यवस्था नहीं है. स्थिति यह है कि आये दिन इमरजेंसी मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल में लाने-ले जाने के लिए निजी वाहन का सहारा लेना पड़ता है.
कभी-कभी तो वाहन के अभाव में मरीज अस्पताल में ही दम तोड़ देते हैं. हालांकि क्षतिग्रस्त एंबुलेंस की रिपेयरिंग कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास फंड नहीं है. एक एंबुलेंस बनवाने के लिए लगभग डेढ लाख रुपये का खर्च आ रहे हैं. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि रोगी कल्याण समिति मद से अधिकतम 25 हजार तक की राशि खर्च करने का ही अधिकार है. ऐसे में उक्त राशि से एंबुलेंस की मरम्मत संभव नहीं है.
