जन्म के साथ दी एक-दूसरे को क्रिसमस की बधाई

रविवार को कैंडल जला कर प्रार्थना करतीं छात्राएं. क्रिसमस-ट्री के साथ बच्चे. क्रिसमस डे पर स्कूली बच्चों ने प्रस्तुत की झांकी गोपालगंज : क्रिसमस डे के मौके पर शहर के नार्थ प्वाइंट बोर्डिंग स्कूल के बच्चों ने झांकी प्रस्तुत की. वहीं गरीब बच्चों के बीच केक, चॉकलेट, पेंसिल, बॉक्स आदि का वितरण किया गया. झांकी […]

रविवार को कैंडल जला कर प्रार्थना करतीं छात्राएं. क्रिसमस-ट्री के साथ बच्चे.

क्रिसमस डे पर स्कूली बच्चों ने प्रस्तुत की झांकी
गोपालगंज : क्रिसमस डे के मौके पर शहर के नार्थ प्वाइंट बोर्डिंग स्कूल के बच्चों ने झांकी प्रस्तुत की. वहीं गरीब बच्चों के बीच केक, चॉकलेट, पेंसिल, बॉक्स आदि का वितरण किया गया. झांकी में तरुण कुमार, आयुष्मान कुमार ने बेहतर प्रस्तुति की. इस मौके पर खुशी कुमारी, रोशनी शत्रुघ्न, सुनील आदि मौजूद थे. विद्यालय के निदेशक अजय सिंह, प्राचार्य रिंकी सिंह, संजना सिंह, औरंगजेब, सिद्धेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव, रिशु सिंह, विशाल सिंह, राजीव कुमार, कुंदन आदि मौजूद थे. वहीं, प्राचार्य ने प्रभु यीशु के जीवन पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम की समाप्ति के बाद सभी बच्चे शैक्षणिक यात्रा पर कुशीनगर के लिए रवाना हो गये.
मिस्सा बलिदान की परंपरा
जन कल्याण के लिए ईसा मसीह ने इसी दिन मानव रूप में जन्म लिया था. इसलिए प्रभु के आगमन के समय मध्य रात्रि को मिस्सा बलिदान (पूजा-विधि) संपन्न कराया गया. तिरविरवां कैथोलिक चर्च के फादर सुरेंद्र एक्का ने बताया कि मिस्सा बलिदान की शुरुआत प्रभु यीशु ने ही की थी. सूली पर चढ़ाये जाने से एक दिन पूर्व उन्होंने अपने अनुयायियों को रोटी व अंगूर के रस का भोज दिया था. प्रभु ने रोटी को अपना शरीर व अंगूर के रस को अपना खून बताते हुए शिष्यों को इसे ग्रहण करने के लिए कहा. तभी से ये विशेष पूजा की जाने लगी. इस विशेष प्रसाद को मसीही समुदाय के लोगों के अलावा किसी और को नहीं दिया जाता.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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