ठंडी हवाओं के बीच बादलों ने बढ़ायी ठिठुरन
गोपालगंज : ठंड का प्रकोप पूर्वांचल भर में देखने को मिल रहा है. खासकर रविवार को तो सूरज के दर्शन भी दोपहर बाद हुए. कहीं अत्यधिक कोहरे के चलते परेशानी हुई, तो कहीं धुंध और ठंडी हवाओं से लोग ठिठुरे. बादल भरे मौसम से अधिक सर्दी होने का एहसास हुआ. ठंड का कहर सबसे अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है. हालांकि शहरी जन जीवन भी रात होने के साथ ही इस कदर प्रभावित दिख रहा है कि सड़कों पर लोगों की भीड़ कम हो जा रही है.
आमतौर पर देर रात तक चीनी मिल चलने के कारण जहां चहल-पहल रहती थी वहां भी अब लोग जल्द की घरों में दुबक जा रहे हैं. सर्वाधिक दिक्कत कोहरे और धुंध के चलते लोगों को हो रही है. मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय की मानें, तो रविवार को अधिकतम तापमान 27.8 तथा न्यूनतम तापमान 13.8 रहा, जबकि आर्द्रता 96.3 फीसदी रही. मौसम पिछले 48 वर्षों के रेकाॅर्ड को तोड़ रहा है. जिस प्रकार शीतलहर का एहसास पिछले दो दिनों से मौसम करा रहा है, यह मौसम 20 दिसंबर के बाद होता रहा है.
इससे पहले दो दिसंबर से 1968 में शीतलहर पड़ा था. उसके बाद इस वर्ष पिछले इतिहास को ठंड दुहरा रही है.
हाइवे पर आवागमन कुप्रभावित
कोहरे और धुंध का सर्वाधिक असर वाहन चालकों को पर पड़ रहा है. खासकर नेशनल हाइवे और अन्य जिले के मुख्य मार्ग पर आवागमन की काफी कठिनाई हो रही है. कोहरे के चलते सुबह से लेकर देर शाम तक वाहनों की हेडलाइट जला कर चलना ही सुरक्षित माना जा रहा है. बावजूद इसके विभिन्न हाइवे पर कोहरे के चलते रोजाना ही हादसे भी हो रहे हैं. वाहनों के आपस में टक्कर होने से जान भी जा रही है.
माॅर्निंग वॉकर भी हुए कम
मिंज स्टेडियम, वीएम फील्ड आदि हरियाली वाली जगहों पर वैसे तो रोजाना काफी संख्या में सुबह की सैर करनेवाले आते रहे हैं. बावजूद इसके इधर एक सप्ताह से ठंड बढ़ने और अधिक कोहरा होने से माॅर्निंग वॉकर की संख्या कम हो गयी है. हालांकि डॉक्टरों की भी सलाह रहती है कि बुजुर्गों को अधिक ठंड रहने पर सुबह की सैर से बचना चाहिए.
