पहल . शुगर मिल के पेराई सत्र पर रोक
बिहार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सिधवलिया स्थित भारत शुगर मिल के पेराई सत्र पर रोक लगा दी है. पेराई सत्र पर रोक लगाये जाने के बाद चीनी मिल ने 2015-16 के सत्र को सफलता पूर्वक चलाया.
गोपालगंज : प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तरफ से सिधवलिया स्थित भारत शुगर मिल के पेराई सत्र पर रोक लगाये जाने के बाद चीनी मील संकट की दौर से गुजर रही है. इस संकट से उबरने के लिए प्रबंधन की पहल पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से 29 नवंबर को हाइ लेबल वार्ता के लिए समय मुकर्रर किया गया है. जिसमें प्रबंधन को अपना पक्ष रखने का मौका मिला है.
उम्मीद है कि मिल को चलाने के लिए हरी झंडी मिल सकती है. उधर,किसानों के बीच उहापोह की स्थिति बनी हुई है. किसानों की चिंता पर भारत शुगर मिल के कार्यपालक उपाध्यक्ष शशि केडिया ने बताया कि चीनी मिल प्रबंधन के द्वारा हाइ लेवल पर वार्ता चल रही है. अनुमति मिलने के साथ ही चीनी मिल एक दिसंबर से चालू हो जायेगी. मिल से निकलने वाली पानी को साफ करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट पहले से ही बैठाया जा चुका है. उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी अपने रिपोर्ट में उपचार के लिए संयंत्र लगे होने की बात कही है.
सिधवलिया चीनी मिल में लगा ट्रीटमेंट प्लांट.
प्रदूषण बोर्ड के रोक के बाद भी चला मिल
घोघारी नदी में सिधवलिया चीनी मिल के जहरीला पानी गिराये जाने और उसके कारण मछलियों के मरने, जल जनित जीवों के मरने तथा पशुओं के पानी पीने से मौत का मामला वर्ष 2013 में विधानसभा में भी उठा था. मामले को गंभीरता से लेकर बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तरफ से इस मामले की जांच करायी गयी. जांच में पाया गया कि घोघारी नदी में चीनी मिल का प्रदूषित पानी जा रहा. जिससे बदबू हो रही. जांच रिपोर्ट के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष सुभाष चंद्र सिंह ने 20 मार्च 2015 को चीनी मिल के खिलाफ आदेश पारित कर परिचालन पर रोक लगा दिया. इस रोक के बाद भी पिछले सत्र में चीनी मिल ने पेराई किया.
क्या कहते हैं चीनी मिल अधिकारी
प्रदूषण बोर्ड के रोक के बाद चीनी मिल अपना पक्ष रखेगा. उम्मीद है कि रोक को वापस लिया जाये. जब तक रोक वापस नहीं लेते मिल नहीं चलाया जा सकता.चीनी मिल ने किसानों को अब तक चालान नहीं बांटा है.
शशी केडिया, कार्यपालक उपाध्यक्ष, सिधवलिया चीनी मील
