जदयू के प्रदेश महासचिव पूर्व विधायक ने दाखिल की अपील
अंत्योदय योजना में अपात्र लाभुकों के नाम पर पिछले एक वर्ष से प्रतिमाह खाद्यान्न का उठाव कर गड़बड़ी की गयी है. गड़बड़ी की जांच हुई, तो कई अधिकारियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है.
गोपालगंज : अंत्योदय योजना में लाभुकों को पीला कार्ड रहने के बाद खाद्यान्न की आपूर्ति कहीं अधिक तो कहीं कम की गयी है. विभाग की सहभागिता से करोड़ों की हेरा- फेरी का मामला सामने आया है.
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 एसइसीसी डाटा के अंतिम प्रकाशन के बाद अपात्र लाभुकों को एक जुलाई ,2015 से खाद्यान्न का उठाव दिखा कर अब तक उनके नाम पर करोड़ों का बारा-न्यारा किया गया है. हालांकि पात्र परिवारों को एक जुलाई से वंचित कर रखा है. बैकुंठपुर के पूर्व विधायक तथा जदयू के प्रदेश महासचिव मंजीत कुमार सिंह ने इसे पूरे प्रकरण में जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के समक्ष अपील दाखिल कर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. पूर्व विधायक ने कहा कि एसइसीसी डाटा डाटा में नाम नहीं रहने के बाद खाद्यान्न वितरित किया गया. अवशेष किसके जिम्मे रहा या उसका गबन कर लिया गया. इसकी जानकारी तक प्रशासन को नहीं है.
क्या है विभाग की गाइड लाइन : मुख्य सचिव के पत्र संख्या – 6632 दिनांक 19 अगस्त 2015 को स्पष्ट निर्देश है कि राशन कार्ड मुद्रण के समय सुनिश्चित किया जाये कि अंत्योदय परिवार एवं पूर्वर्ती प्राप्त लाभार्थी का राशन कार्ड मुद्रण कराया जा रहा. उसका नाम एसइसीसी आधारित आंकड़ों के पात्र परिवार की सूची में शामिल हो. एसइसीसी डाटा के अलावा अगर राशन कार्ड मुद्रण या वितरण होता है, तो इसकी जवाबदेही जिला प्रशासन को होगी. क्योंकि भारत सरकार उन्हीं एसइसीसी के आंकड़ों के आधार पर खाद्यान्न का आवंटन देती है.
क्या कहते हैं अधिकारी
अंत्योदय योजना में धांधली का आरोप पूर्व विधायक ने लगाया है. इसकी जांच करायी जायेगी.
कृष्ण मोहन प्रसाद, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, गोपालगंज
