वारदात के दिन नोएडा के अस्पताल में भरती था
गोपालगंज : बहुचर्चित खजूबरानी शराबकांड के मास्टरमाइंड ग्रहण पासी की जमानत याचिका सीजेएम रामअवध प्रसाद के कोर्ट ने बुधवार को खारिज कर दी. कोर्ट ने बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जमानत याचिका को रद्द किया है. हालांकि बचाव पक्ष की तरफ से कोर्ट के समक्ष अधिवक्ता वेदप्रकाश तिवारी ने साक्ष्य के साथ कहा कि ग्रहण पासी घटना के दिन 16 अगस्त को नोएडा के अस्पताल में भरती था. इसका पूरा परिवार दिल्ली रहता है. गांव में महज घर है.
मृतक के परिजनों ने ग्रहण पासी के घर शराब पीने की बात नहीं कही है. इस कांड में पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है, जिसमें सिनेमा रोड के बंधु राम के बयान को आधार बनाया है. बंधु राम ने नगीना पासी के घर में शराब पीने की बात कही है. अधिवक्ता ने ग्रहण पासी को निर्दोष बताते हुए जमानत की अपील की.
विशेष लोक अभियोजन रविभूषण श्रीवास्तव ने कोर्ट के समक्ष कहा कि खजूरबानी में इन लोगों के द्वारा तैयार की गयी शराब पीने से दर्जनों लोगों की मौत तथा पांच अन्य बीमार हो चुके हैं. लोक अभियोजक की दलीलों को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया. हालांकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कोर्ट में अपील दायर करने की बात कही है.
