बैकुंठपुर में बुखार से तीन चचेरे भाइयों की मौत

उसरी गांव से एक साथ उठीं तीन अरथियां बैकुंठपुर : राजस्थान के भिलवाड़ा शहर में रोटी की खातिर दिन-रात मेहनत करने के दौरान डेंगू और मलेरिया से ग्रसित होकर एक ही परिवार के तीन चचेरे भाई लौटे थे. इनकी रविवार को मौत हो गयी. बैकुंठपुर थाने के उसरी गांव रविवार को चीत्कार से गूंज उठा […]

उसरी गांव से एक साथ उठीं तीन अरथियां
बैकुंठपुर : राजस्थान के भिलवाड़ा शहर में रोटी की खातिर दिन-रात मेहनत करने के दौरान डेंगू और मलेरिया से ग्रसित होकर एक ही परिवार के तीन चचेरे भाई लौटे थे. इनकी रविवार को मौत हो गयी. बैकुंठपुर थाने के उसरी गांव रविवार को चीत्कार से गूंज उठा जब एक साथ तीन चचेरे भाइयों की अरथी उठी.
बताया गया है कि उसरी गांव के कृष्णा प्रसाद के 19 वर्षीय बेटे नीतीश कुमार, बासुदेव प्रसाद के 20 वर्षीय बेटे जितेंद्र कुमार और सुदामा प्रसाद के 21 वर्षीय बेटे रोशन कुमार दो जून को राजस्थान के भिलवाड़ा गये. तीनों चचेरे भाई ग्रीन हाउस में काम करने लगे, जहां तीनों की तबीयत अचानक बिगड़ गयी. तबीयत खराब होने के बाद जब तीनों ठेकेदार से पैसे मांगे, तो वो पैसा देने में देर कर दिया .
तीन नवंबर को तीनों घर पहुंचे, जहां से घर वाले तीनों को गोपालगंज अस्पताल ले गये. इलाज के क्रम में बासुदेव प्रसाद के लड़के जितेंद्र की मौत गोपालगंज में ही हो गयी. शेष दोनों को डॉक्टरों ने पटना रेफर कर दिया, जहां एक की मौत पटना पहुंचने पर हुई, तो दूसरे की मौत रविवार की सुबह मेदांता हॉस्पिटल में इलाज शुरू होते ही हो गयी. तीनों मलेरिया डेंगू और जॉनडिस से ग्रसित थे. इधर, रविवार को तीनों चचेरे भाइयों का अंतिम संस्कार एक साथ गांव के ही घाट पर किया गया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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