सदर अस्पताल में नहीं हो रही डेंगू की जांच
प्रतिदिन 8-10 मरीजों में पाया जा रहा डेंगू का लक्षण
गोपालगंज : शहर में डेंगू ने दस्तक दे दी है. हर रोज डेंगू के मरीज मिल रहे हैं. पिछले एक सप्ताह से आठ से 10 मरीज प्रतिदिन मिल रहे हैं. डेंगू के बढ़ते प्रकोप ने शहरवासियों की नींद उड़ा दी है. स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू को लेकर पिछले माह अलर्ट जारी किया था. विभाग को उन स्थानों पर मच्छरों से बचाव का इंतजाम करने को कहा गया था.
जहां, डेंगू और मलेरिया के लार्वा पनप सकते हैं. बावजूद इसके अभी तक बचाव के कोई उपाय नहीं किये गये जिससे डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है. शहर के राजेंद्रनगर मोहल्ला, सरेया मोहल्ला, पुरानी चौक मोहल्ले में डेंगू के अधिक रोगी मिले हैं. सदर अस्पताल में इंतजाम नहीं होने के कारण डेंगू पीड़ितों का इलाज जिले से बाहर निजी और सरकारी अस्पताल में कराया जा रहा है. चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मोहन गुप्ता की पत्नी रेणु गुप्ता भी डेंगू की चपेट में आ गयी हैं.
डेंगू मरीजों की जांच के लिए अस्पतालों में जांच कीट उपलब्ध है. जिला वेक्टर रोग जनित विभाग के मुताबिक सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आइसी मेटेरियल उपलब्ध है. संदिग्ध मरीज मिलने पर जांच के लिए सैंपल को पटना मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है.
फॉगिंग के लिए डीएमओ ने नप को लिखा : डेंगू के लार्वा को नष्ट करने के लिए जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ चंद्रिका साह ने तीन दिन पहले नप को पत्र लिखा था, जिसमें स्थानों को चिह्नित कर फॉगिंग कराने की बात कही गयी थी. लेकिन, इस बार डेंगू से बचने के लिए किसी तरह के इंतजाम नहीं किये गये हैं. डेंगू को लेकर नगर पर्षद को कोई चिंता नहीं है. शहर के कई मुहल्लों में पानी जमा होने से डेंगू के लार्वा काफी संख्या में मिलने की आशंका है.
क्या कहते हैं अधिकारी
विभाग के जानकारी में डेंगू के मरीज नहीं हैं. वैसे स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू, चिकनगुनिया और चिकेन पॉक्स को लेकर अलर्ट किया है. नप को फॉगिंग कराने के लिए पत्र भी लिखा जा चुका है.
डॉ चंद्रिका साह, जिला मलेरिया पदाधिकारी, गोपालगंज
मरीजों की जांच करते डॉक्टर.
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