ग्रामीणों की प्रार्थना भी नहीं सुन रही नारायणी की धारा

नदी की उग्र धारा को शांत करने के लिए पूजा करती महिला. गंडक नदी के कटाव से भयभीत लोग तेजी से तोड़ रहे अपना घर कालामटिहनिया : गंडक नदी की उग्र धारा को शांत करने के लिए महिलाओं ने अब पूजा-पाठ शुरू कर दिया है. पीड़ित महिलाएं नारायणी से रहम की भीख मांग रही हैं. […]

नदी की उग्र धारा को शांत करने के लिए पूजा करती महिला.

गंडक नदी के कटाव से भयभीत लोग तेजी से तोड़ रहे अपना घर
कालामटिहनिया : गंडक नदी की उग्र धारा को शांत करने के लिए महिलाओं ने अब पूजा-पाठ शुरू कर दिया है. पीड़ित महिलाएं नारायणी से रहम की भीख मांग रही हैं. विशंभरपुर के तिवारी टोला के रहनेवाले शंभु तिवारी की बहन विंध्यवासिनी देवी ने नारायणी से क्षमा-याचना करने के लिए अपनी ससुराल से पहुंच कर प्रार्थना शुरू की है. इससे पहले भी 2013 में नदी का कटाव नहीं रुक रहा था और विंध्यवासिनी देवी ने जब नदी के समक्ष प्रार्थना शुरू की, तो नदी की धारा शांत हो गयी थी. इसे ध्यान में रखते हुए विंध्यवासिनी देवी को बुलाया गया है. हालांकि कटाव रोकने में बाढ़ नियंत्रण विभाग 40 दिनों तक परिश्रम के साथ 40 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी नहीं रोक पाया.
विशंभरपुर मौजे गांव के अस्तित्व को मिटाने के बाद अब नदी तिवारी टोला में भीषण कटाव कर रही है. कटाव को देखते हुए ग्रामीण अपने घरों को जेसीबी से तोड़ने में लगे हुए हैं. पूर्व बीडीसी सदस्य डेजी देवी ने बताया कि कटाव इतना भयंकर है कि घर छोड़ना पड़ेगा. घर तोड़ने का भी मौका नहीं है. गांव के अन्य लोग जेसीबी और हथौड़े से अपनी इमारत को तोड़ने में लगे हुए हैं. नदी तेजी से +2 स्कूल भवन की ओर बढ़ रही है.
बैंक ने बढ़ाया दर्द
गंडक नदी के कटाव से बेघर हुए लोगों को भवन क्षति का मुआवजा सीओ अमित रंजन ने आरटीजीएस के माध्यम से सितंबर में 189 पीड़ितों के एकाउंट में भेजने के लिए सेंट्रल बैंक को उपलब्ध करा दिया, लेकिन सेंट्रल बैंक में आज तक राशि अंटकी है. राशि नहीं मिलने के कारण पीड़ित सड़क और पेड़ के नीचे, बांध के किनारे, जहां-तहां शरण लिये हुए हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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