28 साल बार आया कोर्ट का फैसला
आठ में तीन की ट्रायल के दौरान हो चुकी है मौत
गोपालगंज : जनसेवक की अपहरण कर हत्या करने के मामले में गुरुवार को अष्टम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शोभाकांत मिश्रा की अदालत ने पांच लोगों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी. साथ ही 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड देने का आदेश दिया. सजा सुनाये जाने के बाद पुलिस ने अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया. कुचायकोट थाना क्षेत्र के खेम मटिहिनिया गांव के बृजमोहन उर्फ लाल पहाड़ी का गांव के कुछ लोगों ने 27 अप्रैल,
1988 में अपहरण कर लिया था. अपहरण करने के बाद चाकू से गोद कर उसकी हत्या कर दी गयी. पुलिस ने इस मामले को लेकर मृतक के चाचा गजाधर प्रसाद के बयान पर आठ लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की. इसमें ट्रायल के दौरान नरेश यादव, सिंगलदीप प्रसाद तथा जनार्दन प्रसाद की मृत्यु हो गयी. उधर, पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद अंतिम प्रतिवेदन कोर्ट में प्रस्तुत किया. एडीजे अष्टम की अदालत ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता तथा एपीपी अशोक गुप्ता की दलीलों को सुनने के बाद पांच अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनायी.
इनको मिली उम्रकैद की सजा :
चंद्रमा यादव, ध्रुव प्रसाद, लूटन कुर्मी, बाबुनंद यादव, जलंधर यादव
इनकी हो चुकी है मृत्यु : नरेश यादव, सिंगलदीप प्रसाद, जनार्दन प्रसाद
मोतिहारी में थे जनसेवक
कुचायकोट थाना क्षेत्र के खेम मटिहिनिया गांव के बृजमोहन उर्फ लाल पहाड़ी मोतिहारी में जनसेवक के पद पर कार्यरत थे. घर आने के बाद अपहरण कर हत्या कर दी गयी थी. चाचा के बयान पर थाने में प्राथमिकी हुई. पीड़ित परिवार का 28 साल बाद फैसला आया.
