थावे में आज मां को चढ़ेगा महाभोग का प्रसाद

मां कात्यायनी के रूप में 90 हजार भक्तों ने किये दर्शन दो बजे रात्रि से लगी रही दर्शन के लिए कतार गोपालगंज : नवरात्र पर्व मां की भक्ति के लिए जहां जाना जाता है, वहीं नवरात्र में शुक्र दिन का देवी पूजन और दर्शन का विशेष महत्व है. शायद इसी महत्व और जनश्रुतियों के आधार […]

मां कात्यायनी के रूप में 90 हजार भक्तों ने किये दर्शन
दो बजे रात्रि से लगी रही दर्शन के लिए कतार
गोपालगंज : नवरात्र पर्व मां की भक्ति के लिए जहां जाना जाता है, वहीं नवरात्र में शुक्र दिन का देवी पूजन और दर्शन का विशेष महत्व है. शायद इसी महत्व और जनश्रुतियों के आधार पर शुक्रवार को देवी नगरी थावे में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. शुक्रवार को लगभग 90 हजार श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किये. भक्तों की कतार रात्रि दो बजे से ही लगने लगी. लंबी कतार के बीच धूप और मौसम से बेपरवाह श्रद्धालु नर- नारी खड़े रहे और अपनी बारी का इंतजार करते रहे. वहीं हर तरफ जय माता दी के नारे गूंजते रहे. शुक्रवार को यहां पहुंचनेवाले भक्तों में बिहार के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा उत्तरप्रदेश, नेपाल और झारखंड से भी भारी संख्या में भक्त पधारे. शुक्रवार को देवी दर्शन का कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा.
माता के दरबार में महाभोग का आयोजन शनिवार की रात्रि की जायेगी. गौरतलब है कि महाभोग के प्रसाद के लिए हजारों की भीड़ माता के दरबार में उमड़ती है. भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन की तरफ से सुरक्षा एवं सुविधा के विशेष इंतजाम किये गये हैं. महाभोग के कार्यक्रम में डीएम राहुल कुमार, एसपी रविरंजन सहित जिला के तमाम वरीय अधिकारी एवं गण्यमान्य लोगों के द्वारा भारी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे.शुक्रवार को उमड़नेवाली भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन शांति व्यवस्था में तैनात रहा. मंदिर परिसर के अलावा मेला स्थल और बस स्टैंड तक पुलिस के जवानों की तैनाती की गयी थी. वहीं कतार में गड़बड़ी रोकने के लिए महिला और पुरुष पुलिस जवान सहित कई अधिकारी भी तैनात किये गये थे. यहां भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गयी है.
इन मंदिरों में भी उमड़ी रही देवी दर्शन को भीड़ : बरौली के देवी गंज स्थित नकटो भवानी, बतरदेह के बतरदेह माई स्थान, बैकुंठपुर के सिंहासिनी धाम में भी भक्तों की भीड़ देवी की पूजा- अाराधना के लिए उमड़ी रही.
ऐतिहासिक स्थल पर दुर्गापूजा की चहल-पहल : बैकुंठपुर. प्रखंड के दिघवा गांव स्थित महाभारत कालीन स्थल पर दुर्गापूजा की चहल-पहल देखते बन रही है. यहां दिघवा धाम वाली की मंदिर खूब सजा कर तैयार कर ली गयी है.
बताया जाता है कि द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण की उपस्थिति में हस्तिनापुर नरेश सम्राट युधिष्ठिर ने अपने पांडव भाइयों संग राजसुयी यज्ञ के दौरान यहां सप्तकुआं स्थापित कराया था. यहीं पर ग्रामीणों के सहयोग से भव्य देवी मंदिर निर्माण कराया गया. इसी सप्तकुंआ काली मंदिर दिघवा धाम नाम से विख्यात स्थल पर शारदीय नवरात्र के अवसर पर हर वर्ष मां दुर्गा की मूर्ति व पंडाल बना कर पूजा की जाती है.
यहां एक भारी पत्थर का बनाया हुआ खंडित मृगराज का सिर स्थापित है.जिसके संदर्भ में गांव के वयोवृद्ध विश्वम्भर प्रसाद ने बताया कि सप्तकुंआ महाभारत कालीन राजसुयी यज्ञ का अवशेष है. इसकी सफाई के दौरान सिंहासनी माता की सवारी का खंडित सिर पाया गया, जिसे मंदिर परिसर में स्थापित कराया गया है. दुर्गापूजा के मुख्य यजमान रोहित कुमार ने बताया कि यहां आस्था के साथ श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ देखते बनती है.

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