ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता का अभाव
बैकुंठपुर : प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्र में डेंगू का प्रकोप बढ़ते देखा जा रहा है. मगर स्वास्थ्य विभाग बेपरवाह है. अस्पताल में डेंगू पीड़ित मरीज भरती कराये जा रहे हैं. इसके बावजूद गांवों में फाॅगिंग कराने की कोई तैयारी नहीं की गयी. सिरसा सर्वोदय टोला निवासी प्रभुनाथ सिंह का पुत्र छात्र प्रभात कुमार में डेंगू के लक्षण पाये गये हैं. दिघवादुबौली के डाॅ आरपी सिंह द्वारा जांच के बाद इलाज शुरू कर रेफर कर दिया गया है. उधर, पिछले सप्ताह सिरसा मानपुर निवासी अखिलेश कुमार की पत्नी रिंकी देवी को पीएचसी से पीएमसीएच रेफर कर दिया गया था. देश के महानगरों में डेंगू का प्रकोप होने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग वहां से आने वाले ट्रांजिट मरीजों से संक्रमित होने से बचाने के लिए अलर्ट नहीं है. ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू बुखार को लेकर जागरूकता का घोर अभाव है.
क्या है डेंगू के लक्षण: तीव्र ज्वर के साथ बुखार का आना. सिर, मांसपेशियों व जोड़ों में तेज दर्द होना, पूरे शरीर में लाल चकते निकल आना, पेट दर्द के ढीले दस्त होना, हमेशा चक्कर आना व उलटी करने का मन करना, भूख नहीं लगना तथा काफी कमजोरी महसूस होना, प्लेटलेट्स का बहुत ही कम होना व नाक व पैखाने से रक्तस्राव होना.
कैसे करें बचाव: कमरे के आसपास पानी जमा नहीं होने दें. शरीर को पूरी तरह ढंकने वाले कपड़े पहनें व कमरे में मच्छरदानी लगा कर सोयें. मच्छरों को भगाने का उपाय करें. सावधानी के तौर पर डाॅक्टर से परामर्श लें.
क्या कहते हैं डाॅक्टर : डेंगू मरीजों के इलाज के लिए पीएचसी में न जांच किट है न समुचित कोई व्यवस्था है. यह बीमारी एडिस एजेप्टि नामक मच्छर के काटने से होती है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार बताते हैं कि ऐसे मरीजों को सदर अस्पताल रेफर किया जाता है. गांव में जागरूक करने की पहल की जायेगी.
